यह जानकारी रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ द्वारा 2 अगस्त को लोकसभा में श्री अरुण भारती के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी गई।
रक्षा मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी और पुनर्वास योजनाएँ लागू की हैं, जिनका उद्देश्य वित्तीय सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान करना है। इन योजनाओं का उद्देश्य सेवा के बाद आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद करना है।
List of Benefits
- Armed Forces Flag Day Fund (AFFDF) से वित्तीय सहायता: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई वित्तीय सहायता योजनाएं उपलब्ध हैं:
- Penury Grant: 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-पेंशनधारी सैनिकों को ₹4,000 प्रति माह (हवलदार रैंक तक)।
- Education Grant: बच्चों (दो तक) की पढ़ाई के लिए ₹1,000 प्रति माह और विधवाओं के लिए स्नातकोत्तर तक (हवलदार रैंक तक)
- Disabled Children Grant: विकलांग बच्चों के लिए ₹3,000 प्रति माह।
- Marriage Grant: पूर्व सैनिकों की दो बेटियों की शादी के लिए ₹50,000 तक की सहायता।
- Medical Treatment Grant: गैर-पेंशनधारी सैनिकों के लिए ₹50,000 तक की चिकित्सा सहायता।
- गंभीर बीमारियों के लिए सहायता:
Angioplasty, Open Heart Surgery, Dialysis और Cancer जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पूर्व सैनिकों को वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें खर्च का 75%-90% तक कवर किया जाता है। - Modified Scooter Grant:
जो सैनिक सेवा के बाद 50% या उससे अधिक विकलांगता के शिकार होते हैं, उन्हें एक विशेष स्कूटर खरीदने के लिए ₹1 लाख की सहायता दी जाती है। - Home Loan पर सब्सिडी:
युद्ध विधवा, युद्ध में घायल सैनिकों और शांति काल के दौरान दुर्घटना से प्रभावित सैनिकों के लिए गृह ऋण पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। - प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना: इस योजना के तहत 5,500 छात्रवृत्तियां दी जाती हैं, जिनमें लड़कों के लिए ₹2,500 प्रति माह और लड़कियों के लिए ₹3,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है।
- पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता: पुनर्वास से जुड़े संस्थानों को भी सहायता दी जाती है, जैसे:
- Paraplegic Rehabilitation Centers (Kirkee और Mohali में)।
- War Memorial Hostels जो युद्ध विधवाओं और युद्ध में विकलांग सैनिकों के बच्चों को आश्रय प्रदान करते हैं।
- मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में सीटों का आरक्षण: मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए 42 MBBS और 3 BDS सीटें आरक्षित की गई हैं।
- रेल यात्रा में छूट:युद्ध विधवाओं को रेल यात्रा में रियायत प्रदान करने के लिए पहचान पत्र जारी किए जाते हैं।
- पुनर्वास और स्वरोजगार योजनाएँ: Directorate General Resettlement (DGR) कई योजनाएँ चलाता है ताकि पूर्व सैनिकों को फिर से रोजगार मिल सके या वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें:
- Security Agency Scheme: सुरक्षा एजेंसी खोलने के लिए सहायता।
- Coal Loading and Transportation Scheme: कोयला लोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन के लिए रोजगार के अवसर।
- Mother Dairy Milk Booths: NCR में डेयरी बूथ और फल-सब्जी की दुकानों के प्रबंधन के लिए सहायता।
- Resettlement Training: कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- सरकारी नौकरियों में आरक्षण:सरकारी नौकरियों में पूर्व सैनिकों के लिए 14.5% आरक्षण ग्रुप 'C' पदों के लिए और 24.5% आरक्षण ग्रुप 'D' पदों के लिए है।
केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) की मुख्य गतिविधियाँ for ESM:
KSB कई कल्याणकारी योजनाओं का संचालन करता है, जो पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करती हैं:
- बैठकें: रक्षा मंत्रालय और सैनिक कल्याण विभाग के निदेशकों के साथ बैठकें।
- फंड का संचालन: Armed Forces Flag Day Fund (AFFDF) का प्रबंधन।
- शिकायत निवारण: CPGRAMS/CPENGRAMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायतों का निपटान।
- वित्तीय सहायता: Paraplegic Homes, War Memorial Hostels, और अन्य संस्थानों को सहायता।
इन योजनाओं के माध्यम से रक्षा मंत्रालय और KSB यह सुनिश्चित करते हैं कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता और सुविधा मिले, जिससे वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
Press Release by MoD
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