भारतीय सेना दुनिया के सबसे कठिन और जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में तैनात रहती है: सियाचिन की बर्फीली चोटियों से लेकर उग्रवाद-प्रभावित इलाकों, रेगिस्तान, जंगलों और ऊँचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों तक। ऐसे क्षेत्रों में सेवा करना केवल नौकरी नहीं, बल्कि निरंतर जोखिम, शारीरिक कष्ट और मानसिक दबाव का सामना करना होता है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस (Risk & Hardship Allowance – R&H) प्रदान करती है। वर्ष 2026 में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सैनिकों और उनके परिवारों की नजरें इन भत्तों में संभावित बदलावों पर टिकी हैं।
Risk & Hardship Allowance उन सैनिकों को दिया जाता है जो:
7वें वेतन आयोग के बाद से इन भत्तों को रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस मैट्रिक्स (Risk & Hardship Matrix) के अंतर्गत बांटा गया है, जैसे R1H1, R2H2, R3H3, ताकि जोखिम के स्तर के अनुसार भुगतान तय हो सके।
दुनिया के सबसे ऊँचे युद्ध क्षेत्र में तैनाती के लिए दिया जाने वाला यह भत्ता सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
7 वें वेतन आयोग में इसमें बड़ा इज़ाफा किया गया था और 8वें वेतन आयोग में इसके और व्यवस्थित होने की संभावना है।
सीमावर्ती और अग्रिम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को दिया जाता है।
8 वें वेतन आयोग में Field Area Allowance को और यथार्थवादी बनाने के प्रस्ताव सामने आ रहे हैं।
9,000 फीट से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों के लिए यह भत्ता तीन श्रेणियों (Category-I, II, III) में दिया जाता है।
यह भत्ता लद्दाख और अन्य हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कई पुराने भत्तों को मिलाकर TLA बनाया गया है, जैसे:
अब इसे TLA-I, TLA-II, TLA-III श्रेणियों में दिया जाता है।
उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती केलिए दिया जाता है।
MSP सेनाकी विशिष्ट सेवा शर्तों को मान्यता देता है।
8 वें वेतन आयोग के तहत प्रस्ताव:
8 वें वेतन आयोग से क्या उम्मीद करें?
हालांकि अंतिम आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं:
8वें वेतन आयोग के तहत कठिनाई भत्तों को लेकर चल रही चर्चा यह दिखाती है कि सरकार अब सैन्य सेवा की असली चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझ रही है।
ये भत्ते कोई सुविधा नहीं हैं, बल्कि उन मुश्किल हालात की पहचान हैं जिनमें भारतीय सैनिक देश की रक्षा करते हैं।
FaujiBeats रक्षा वेतन और भत्तों से जुड़ी हर सही और आधिकारिक जानकारी आप तक पहुँचाता रहेगा।
जय हिन्द!


