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CAPF क्या है और इसमें कौन-कौन सी फोर्सेज हैं? जानें पूरी जानकारी

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मुख्य बातें (Key Highlights)

  • CAPF का फुल फॉर्म सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (Central Armed Police Forces) है।
  • CAPF किसी एक फोर्स का नाम नहीं, बल्कि कई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामूहिक नाम है।
  • UPSC की CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के जरिए ग्रुप ए अधिकारी (Group A Officer) के रूप में भर्ती की जाती है।
  • 2026 में CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए कुल 349 अस्थायी रिक्तियां घोषित की गई थीं।
  • 2026 की भर्ती में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB शामिल थीं।
  • चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू शामिल होते हैं।
  • उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी है।
  • सामान्य रूप से CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए आयु सीमा 20 से 25 वर्ष होती है। पात्र श्रेणियों को नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलती है।
  • असिस्टेंट कमांडेंट का वेतनमान पे लेवल-10 में ₹56,100 से ₹1,77,500 है।

मान लीजिए तीन उम्मीदवार एक ही CAPF परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। एक का सपना सीमा पर देश की सेवा करने का है, दूसरा ऐसी पोस्टिंग चाहता है जहां शहरी इलाके और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां हों, जबकि तीसरा ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में तैनाती के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

तीनों एक ही परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन परीक्षा पास करने के बाद उनकी नौकरी, तैनाती और रोजमर्रा की जिंदगी काफी अलग हो सकती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि CAPF किसी एक फोर्स का नाम नहीं है। यह अलग-अलग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामूहिक नाम है। हर फोर्स की अपनी भूमिका, तैनाती का क्षेत्र और काम करने की परिस्थितियां होती हैं।

इसलिए अगर आप CAPF को करियर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं, तो सिर्फ परीक्षा का सिलेबस जानना काफी नहीं है। आपको यह भी समझना चाहिए कि CAPF क्या है, इसमें कौन-कौन सी फोर्सेज शामिल हैं, असिस्टेंट कमांडेंट की भर्ती कैसे होती है, योग्यता क्या है, शारीरिक परीक्षा में क्या होता है और सैलरी कितनी होती है।

इस लेख में CAPF से जुड़ी जरूरी जानकारी आसान भाषा में समझते हैं।

CAPF का फुल फॉर्म क्या है?

CAPF का फुल फॉर्म सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (Central Armed Police Forces) है। हिंदी में इसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कहा जाता है।

सबसे पहले एक जरूरी बात समझ लें, CAPF किसी एक फोर्स का नाम नहीं है। यह भारत की अलग-अलग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सामूहिक नाम है।

इन फोर्सेज का प्रशासनिक नियंत्रण मुख्य रूप से गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत होता है। इनकी जिम्मेदारियों में सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था में सहायता, उग्रवाद विरोधी अभियान, महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा और दूसरे सुरक्षा संबंधी कार्य शामिल हैं।

CAPF को एक ही फोर्स क्यों नहीं कहा जाता?

CAPF को समझने का सबसे आसान तरीका है इसे एक छतरी की तरह समझना।

इस छतरी के नीचे अलग-अलग फोर्सेज काम करती हैं। हर फोर्स की अपनी जिम्मेदारियां और काम करने का माहौल है। किसी फोर्स में अंतरराष्ट्रीय सीमा की निगरानी प्रमुख जिम्मेदारी हो सकती है, तो किसी में एयरपोर्ट, मेट्रो या औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा।

यही वजह है कि CAPF में करियर का अनुभव हर फोर्स में एक जैसा नहीं होता।

CAPF में कौन-कौन सी फोर्सेज शामिल हैं?

UPSC की CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के संदर्भ में 2026 की भर्ती में पांच फोर्सेज शामिल थीं:

  1. सीमा सुरक्षा बल (BSF)
  2. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
  3. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
  4. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
  5. सशस्त्र सीमा बल (SSB)

आइए इनके काम को आसान भाषा में समझते हैं।

1. सीमा सुरक्षा बल (BSF)

सीमा सुरक्षा बल यानी BSF का मुख्य काम भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा करना है। इसकी तैनाती खासतौर पर भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं पर होती है।

BSF में अधिकारी के रूप में सीमा निगरानी, सुरक्षा अभियान और अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों में जवानों की अगुवाई जैसी जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं।

2. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF देश की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा फोर्सेज में से एक है।

CRPF की जिम्मेदारियों में कानून-व्यवस्था में सहायता, उग्रवाद विरोधी अभियान (Counter-Insurgency Operations), आंतरिक सुरक्षा और विभिन्न सुरक्षा अभियानों में तैनाती शामिल हो सकती है।

इसमें अधिकारियों को देश के अलग-अलग राज्यों और अलग-अलग परिचालन परिस्थितियों में काम करने का अवसर मिल सकता है।

3. केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF की भूमिका बाकी फोर्सेज से कुछ अलग है।

CISF एयरपोर्ट, मेट्रो, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी संस्थानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस वजह से CISF में तैनाती का एक बड़ा हिस्सा शहरी इलाकों और महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ा हो सकता है।

4. भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस यानी ITBP मुख्य रूप से भारत-चीन सीमा के ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात रहती है।

ऊंचाई, कम तापमान, बर्फीला मौसम और कठिन भूभाग ITBP की ड्यूटी को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। इसलिए इस फोर्स में शारीरिक फिटनेस, सहनशक्ति और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण होती है।

5. सशस्त्र सीमा बल (SSB)

सशस्त्र सीमा बल यानी SSB भारत की नेपाल और भूटान सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाता है।

इसके अलावा SSB को आंतरिक सुरक्षा और अन्य सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए भी तैनात किया जा सकता है।

ध्यान रखें कि गृह मंत्रालय के व्यापक सुरक्षा ढांचे में असम राइफल्स (Assam Rifles) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (National Security Guard) जैसी अन्य केंद्रीय फोर्सेज भी हैं। हालांकि, UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा की 2026 की भर्ती में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB शामिल थीं।

CAPF का इतिहास

CAPF का इतिहास समझते समय एक आम भ्रम को दूर करना जरूरी है।

CAPF को एक संगठन के रूप में किसी एक तारीख को स्थापित नहीं किया गया था। अलग-अलग केंद्रीय फोर्सेज का गठन अलग-अलग समय पर देश की बदलती सुरक्षा जरूरतों के अनुसार हुआ।

1939 का संदर्भ क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस (Crown Representative Police) से जुड़ा है, जिसे आगे चलकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी CRPF के विकास का आधार माना गया।

समय के साथ भारत की सुरक्षा जरूरतें बदलीं और अलग-अलग भूमिकाओं के लिए विभिन्न केंद्रीय फोर्सेज विकसित हुईं।

आज CAPF भारत की आंतरिक सुरक्षा और सीमा प्रबंधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इनकी जिम्मेदारियां सीमा सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा, उग्रवाद विरोधी अभियान, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में सहायता तक फैली हुई हैं।

इसलिए CAPF का इतिहास किसी एक तारीख या किसी एक फोर्स की कहानी नहीं है। यह भारत की बदलती सुरक्षा जरूरतों के साथ विकसित हुई अलग-अलग फोर्सेज की कहानी है।

UPSC CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा क्या है?

अगर आपका सपना CAPF में अधिकारी बनने का है, तो UPSC की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा (Central Armed Police Forces (Assistant Commandants) Examination) आपके लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है।

इस परीक्षा के जरिए BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB में असिस्टेंट कमांडेंट यानी ग्रुप ए अधिकारी के पदों पर भर्ती की जाती है।

2026 में UPSC ने CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा की अधिसूचना 20 फरवरी 2026 को जारी की थी। लिखित परीक्षा 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी और कुल 349 अस्थायी रिक्तियां घोषित की गई थीं।

CAPF की योग्यता क्या है?

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए योग्यता UPSC की अधिसूचना के अनुसार तय होती है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार को आयु, शैक्षणिक योग्यता, राष्ट्रीयता और शारीरिक मानकों से जुड़ी सभी शर्तों को जरूर देखना चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक डिग्री (Bachelor's Degree) या उसके बराबर योग्यता होनी चाहिए।

स्नातक के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे उम्मीदवार भी निर्धारित शर्तों के तहत परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, चयन प्रक्रिया के दौरान उन्हें डिग्री से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।

आयु सीमा

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए सामान्य आयु सीमा 20 से 25 वर्ष होती है।

2026 की परीक्षा में उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2026 को निर्धारित सीमा के भीतर होनी जरूरी थी। SC, ST, OBC और अन्य पात्र श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलती है।

पुरुष और महिला उम्मीदवार

पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवार CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

हालांकि, उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए शारीरिक और अन्य मानकों को जरूर देखना चाहिए।

NCC प्रमाणपत्र

NCC 'B' या 'C' प्रमाणपत्र (NCC 'B' or 'C' Certificate) एक वांछनीय योग्यता है। पात्र उम्मीदवारों के NCC प्रमाणपत्र को साक्षात्कार के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार ध्यान में रखा जा सकता है।

CAPF परीक्षा पैटर्न क्या है?

  • CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा में दो पेपर होते हैं। दोनों पेपरों को मिलाकर कुल 450 अंक होते हैं।
  • पेपर 1 में वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। यह पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होता है।
  • पेपर 1 में गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक की नकारात्मक अंक व्यवस्था (Negative Marking) लागू होती है।
  • पेपर 2 वर्णनात्मक (Descriptive) होता है। इसमें निबंध, बोध, संक्षेपण और भाषा कौशल से जुड़े प्रश्न होते हैं। निबंध हिंदी या अंग्रेजी में लिखा जा सकता है, जबकि कुछ भाषा संबंधी हिस्से अंग्रेजी में होते हैं।

CAPF परीक्षा में क्या पढ़ना होता है?

CAPF की तैयारी सिर्फ करेंट अफेयर्स पढ़ने तक सीमित नहीं है।

  • पेपर 1 में सामान्य मानसिक क्षमता, सामान्य विज्ञान, करेंट अफेयर्स, भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था, भारतीय इतिहास तथा भारतीय और विश्व भूगोल जैसे विषय शामिल होते हैं।
  • पेपर 2 में निबंध, बोध, संक्षेपण (Précis Writing) और संचार एवं भाषा कौशल पर ध्यान दिया जाता है।

इसलिए तैयारी के दौरान तीन चीजों पर बराबर ध्यान दें—स्थायी विषयों की समझ, करेंट अफेयर्स और लिखने की क्षमता।

CAPF चयन प्रक्रिया क्या है?

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की चयन प्रक्रिया को आसान भाषा में इस तरह समझ सकते हैं:

लिखित परीक्षा → शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षा → चिकित्सा परीक्षण → साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण → अंतिम मेरिट

चरण 1: लिखित परीक्षा

सबसे पहले UPSC लिखित परीक्षा आयोजित करता है। इसमें पेपर 1 और पेपर 2 शामिल होते हैं।

चरण 2: शारीरिक मानक एवं दक्षता परीक्षा

लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को शारीरिक मानक और दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाता है।

इस चरण में लंबाई, छाती, वजन और शारीरिक दक्षता से जुड़े निर्धारित मानकों की जांच की जाती है।

चरण 3: चिकित्सा परीक्षण

इसके बाद उम्मीदवारों की निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुसार जांच की जाती है।

इसमें आंखों की रोशनी और अन्य जरूरी शारीरिक एवं चिकित्सा मानकों की जांच शामिल हो सकती है।

चरण 4: साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण

चिकित्सा और शारीरिक मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण (Interview/Personality Test) के लिए बुलाया जाता है।

यह चरण 150 अंकों का होता है।

अंतिम मेरिट कैसे बनती है?

अंतिम मेरिट में लिखित परीक्षा के 450 अंक और साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण के 150 अंक शामिल होते हैं।

इस तरह अंतिम मेरिट के लिए कुल 600 अंक महत्वपूर्ण होते हैं।

उम्मीदवार को उसकी मेरिट, फोर्स की पसंद, उपलब्ध रिक्तियों और लागू नियमों के आधार पर फोर्स आवंटित की जाती है।

CAPF और भारतीय सेना में क्या अंतर है?

CAPF और भारतीय सशस्त्र सेनाओं को एक ही श्रेणी में रखना सही नहीं है।

भारतीय थल सेना (Indian Army), भारतीय नौसेना (Indian Navy) और भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) भारत की सशस्त्र सेनाएं हैं।

दूसरी ओर, CAPF मुख्य रूप से गृह मंत्रालय के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत काम करने वाली केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज हैं।

दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनका प्रशासनिक नियंत्रण, भर्ती प्रक्रिया, प्रशिक्षण और परिचालन भूमिका अलग-अलग होती है।

इसलिए अगर आप CAPF और सेना के बीच करियर विकल्प को लेकर सोच रहे हैं, तो दोनों की भूमिका और सेवा परिस्थितियों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

CAPF शारीरिक परीक्षा में क्या होता है?

लिखित परीक्षा पास करना चयन प्रक्रिया का पहला बड़ा चरण है। इसके बाद उम्मीदवारों को शारीरिक मानक परीक्षा (Physical Standards Test) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) से गुजरना होता है।

CAPF परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

CAPF की तैयारी में सिर्फ किताबें पढ़ना पर्याप्त नहीं है। लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस और लेखन क्षमता पर भी लगातार काम करना जरूरी है।

1. पेपर 1 की बुनियाद मजबूत करें

इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और सामान्य मानसिक क्षमता जैसे विषयों को समझकर पढ़ें।

2. करेंट अफेयर्स को रोजाना पढ़ें

राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, सरकारी नीतियों, अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं पर नजर रखें।

3. पेपर 2 के लिए लिखने की आदत बनाएं

निबंध और संक्षेपण की नियमित प्रैक्टिस करें। सिर्फ किसी विषय को पढ़ लेना काफी नहीं है। कम समय में स्पष्ट और व्यवस्थित तरीके से अपनी बात लिखना भी जरूरी है।

4. शारीरिक तैयारी पहले दिन से शुरू करें

दौड़, सहनशक्ति और अन्य शारीरिक अभ्यास को परीक्षा के आखिरी समय तक न टालें।

सबसे अच्छी रणनीति यही है कि लिखित परीक्षा और शारीरिक तैयारी को अलग-अलग चरण न मानें। दोनों की तैयारी साथ-साथ करते रहें।

निष्कर्ष

CAPF को सिर्फ एक सरकारी नौकरी या एक परीक्षा के रूप में देखना सही नहीं होगा।

यह अलग-अलग केंद्रीय सशस्त्र पुलिस फोर्सेज का समूह है, जहां हर फोर्स की भूमिका, तैनाती और काम करने की परिस्थितियां अलग हो सकती हैं।

अगर आपका सपना असिस्टेंट कमांडेंट बनकर देश की सेवा करने का है, तो UPSC CAPF परीक्षा आपके लिए एक महत्वपूर्ण करियर विकल्प हो सकती है। लेकिन तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा के साथ-साथ उस जीवन को भी समझें, जिसके लिए आप तैयारी कर रहे हैं।

किसी के लिए सीमा पर तैनाती गर्व और चुनौती का विषय हो सकती है, किसी के लिए महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा ज्यादा उपयुक्त हो सकती है और किसी को कठिन पहाड़ी इलाकों में काम करने का जुनून हो सकता है।

अगर आप CAPF को अपना करियर बनाने का सोच रहे हैं, तो इस गाइड को सेव करें और तैयारी कर रहे दूसरे उम्मीदवारों के साथ शेयर करें। ऐसी ही जरूरी और आसान गाइड्स, एग्जाम अपडेट्स और डिफेंस करियर से जुड़ी जानकारी के लिए FaujiBeats के साथ जुड़े रहें।

जय हिन्द!

CAPF से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CAPF का फुल फॉर्म क्या है?

CAPF का फुल फॉर्म सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (Central Armed Police Forces) है। हिंदी में इसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कहा जाता है।

CAPF में कितनी फोर्सेज शामिल हैं?

UPSC की CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए 2026 की भर्ती में BSF, CRPF, CISF, ITBP और SSB पांच फोर्सेज शामिल थीं।

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा कौन आयोजित करता है?

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC आयोजित करता है।

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट बनने के लिए योग्यता क्या है?

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा आयु और शारीरिक मानकों से जुड़ी शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की आयु सीमा क्या है?

सामान्य रूप से आयु सीमा 20 से 25 वर्ष होती है। पात्र श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट मिलती है।

क्या महिलाएं CAPF परीक्षा दे सकती हैं?

हां, पात्र महिला उम्मीदवार CAPF असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा के लिए आवेदन कर सकती हैं। उन्हें निर्धारित शारीरिक और अन्य पात्रता मानकों को पूरा करना होता है।

CAPF परीक्षा में कितने पेपर होते हैं?

CAPF की लिखित परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पेपर 1 कुल 250 अंकों और पेपर 2 कुल 200 अंकों का होता है। दोनों को मिलाकर लिखित परीक्षा 450 अंकों की होती है।

क्या CAPF परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?

हां। वस्तुनिष्ठ पेपर 1 में गलत उत्तर के लिए एक-तिहाई अंक काटे जाते हैं।

CAPF असिस्टेंट कमांडेंट की सैलरी कितनी है?

असिस्टेंट कमांडेंट का वेतनमान पे लेवल-10 में ₹56,100 से ₹1,77,500 है। इसके अलावा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग भत्ते और सेवा लाभ मिल सकते हैं।



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