कुछ नाम ऐसे होते हैं जो इतिहास की किताबों में नहीं, बल्कि राष्ट्र की स्मृति में दर्ज हो जाते हैं। कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जिन्हें युद्ध के मैदान, आतंकवाद विरोधी अभियानों, कठिन पहाड़ी इलाकों और देश की सुरक्षा के लिए किए गए जोखिम भरे मिशनों में लिखा जाता है। ऐसे ही वीरों को सम्मानित करने के लिए 8 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में Defence Investiture Ceremony 2026 (Phase I) का आयोजन किया गया।
इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), असम राइफल्स तथा राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश पुलिस बलों के बहादुर जवानों और अधिकारियों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए।
ये सम्मान केवल पदक नहीं हैं।
ये उन पलों की पहचान हैं जब किसी सैनिक, अधिकारी या जवान ने अपने कर्तव्य को अपनी सुरक्षा से ऊपर रखा।
Defence Investiture Ceremony डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान समारोह है, जिसमें राष्ट्रपति देश के वीर सैनिकों, अधिकारियों और सुरक्षा बलों के कर्मियों को वीरता पुरस्कार प्रदान करते हैं।
यह समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाता है और इसमें उन वीरों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने युद्ध, आतंकवाद-रोधी अभियान, विशेष सैन्य मिशन या अन्य जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस और बहादुरी का प्रदर्शन किया हो।
डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 (Phase-I) में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए गए इन वीरों में भारतीय सेना, वायु सेना, नौसेना, असम राइफल्स, CRPF, CAPF और राज्य पुलिस बलों के अधिकारी एवं जवान शामिल रहे।
कीर्ति चक्र (Kirti Chakra) भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
यह सम्मान युद्ध क्षेत्र से बाहर असाधारण साहस, वीरता और आत्मबलिदान के लिए दिया जाता है।
मुख्य तथ्य:
• स्थापना: 1952 (पूर्व नाम अशोक चक्र द्वितीय श्रेणी)
• वर्तमान नाम: 1967 से कीर्ति चक्र
• अशोक चक्र के बाद दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार
• मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है
• महावीर चक्र के समकक्ष माना जाता है
वीर चक्र (Vir Chakra) भारत का तीसरा सबसे बड़ा युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है।
यह सम्मान उन सैनिकों को दिया जाता है जिन्होंने दुश्मन की मौजूदगी में असाधारण साहस, नेतृत्व और वीरता का प्रदर्शन किया हो।
मुख्य तथ्य:
• परमवीर चक्र और महावीर चक्र के बाद तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार
• 26 जनवरी 1950 को स्थापित
• थल सेना, वायु सेना और नौसेना के कर्मियों को प्रदान किया जाता है
• मरणोपरांत भी दिया जा सकता है
शौर्य चक्र (Shaurya Chakra) भारत का तीसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने युद्ध क्षेत्र से बाहर असाधारण साहस, वीरता और आत्मबलिदान का परिचय दिया हो।
मुख्य तथ्य:
• अशोक चक्र और कीर्ति चक्र के बाद स्थान
• सैन्य कर्मियों, पुलिस और नागरिकों को दिया जा सकता है
• आतंकवाद-रोधी अभियानों और विशेष सुरक्षा ऑपरेशनों में दिखाई गई बहादुरी के लिए अक्सर प्रदान किया जाता है
• मरणोपरांत भी प्रदान किया जा सकता है
आइए जानते हैं कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में किन वीरों को सम्मानित किया गया।
PIB (Press Information Bureau) द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 8 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित डिफेंस इन्वेस्टिचर सेरेमनी 2026 (Phase-I) के दौरान वीरता पुरस्कार प्रदान किए।
समारोह में कुल:
• 07 कीर्ति चक्र (02 मरणोपरांत)
• 15 वीर चक्र (03 मरणोपरांत)
• 29 शौर्य चक्र (01 मरणोपरांत)
प्रदान किए गए।
ये Gallantry Awards उन बहादुर सैनिकों, अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को दिए गए जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस, अद्वितीय वीरता और अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना राष्ट्र सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
शौर्य चक्र पाने वालों में सेना, नौसेना, CRPF, असम राइफल्स और गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सुरक्षा बलों के अधिकारी और जवान शामिल रहे।
• इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख
• लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला (19 सिख)
• मेजर आदित्य प्रताप सिंह
• मेजर आशीष कुमार (7 PARA SF)
• मोहम्मद शफीक (26 असम राइफल्स)
• लेफ्टिनेंट कमांडर सूरज प्रशार
• विंग कमांडर अभिमन्यु सिंह
• मेजर भार्गव कलिता
• मेजर दीपक सिंह
• मेजर अंशुल बल्टू
• मेजर शिवकांत यादव
• लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य श्रीकुमार घाटगे
• कैप्टन योगेंद्र सिंह ठाकुर
• सूबेदार शमशेर सिंह
• नायक राहुल सिंह
• लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के
• लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए
• लांस डफादार बलदेव चंद
वीर चक्र से सम्मानित होने वालों में भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के कई अधिकारी शामिल रहे।
प्रमुख नाम:
• कर्नल कोशांक लाम्बा
• ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू
• ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा
• ग्रुप कैप्टन अनिमेष पटनी
• ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा
• ग्रुप कैप्टन जॉय चंद्रा
• लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट
• विंग कमांडर सार्थक कुमार
• स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह
• स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक
• स्क्वाड्रन लीडर आरशवीर सिंह ठाकुर
• नायब सूबेदार सतीश कुमार
• सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तेयाज
• कांस्टेबल दीपक चिंगाखाम
• राइफलमैन सुनील कुमार
कीर्ति चक्र प्राप्त करने वाले वीरों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस का परिचय दिया।
सम्मानित नाम:
• लांस नायक मीनाची सुंदरम ए
• नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा
• मेजर अर्शदीप सिंह
• एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर
• कैप्टन लालरिनावमा साइलो
• सिपाही जंजाल प्रवीन प्रभाकर
• लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी
Defence Investiture Ceremony 2026 केवल एक सम्मान समारोह नहीं था।
यह उन सैनिकों, अधिकारियों और जवानों के साहस को राष्ट्रीय सलामी थी जिन्होंने कर्तव्य निभाते समय अपने जीवन को जोखिम में डाला।
कुछ वीर राष्ट्रपति भवन तक स्वयं पहुंचे।
कुछ के परिवार उनके स्थान पर सम्मान ग्रहण करने पहुंचे।
लेकिन हर नाम के पीछे एक कहानी है: साहस की, समर्पण की और भारत की सेवा के लिए किए गए त्याग की।
राष्ट्रपति भवन में मिला यह सम्मान पूरे देश की ओर से उन वीरों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनकी वजह से भारत सुरक्षित है।
FaujiBeats इन सभी वीरों, उनके परिवारों और उन साथियों को नमन करता है जिन्होंने कर्तव्य, साहस और बलिदान की सर्वोच्च मिसाल पेश की। राष्ट्र उनकी वीरता और सेवा को सदैव याद रखेगा।
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जय हिन्द!


