logo
search_icon

DRDO का SFDR Missile System - देश की रक्षा में एक और बड़ा कदम|

2634 Views

Mach 3 speed, 300 km की range - भारत ने रचा इतिहास!

इस महीने DRDO (Defence Research and Development Organisation) के लिए खास उपलब्धियां जुड़ती जा रही हैं। सिर्फ एक महीने में तीन अलग-अलग class के मिसाइलों का सफल परीक्षण हुआ, और शुक्रवार को इस सीरीज़ का Final Test भी पूरी तरह सफल रहा।

DRDO ने Odisha के तट से Solid Fuel Ducted Ramjet (SFDR) प्रोपल्शन-बेस्ड मिसाइल सिस्टम का अंतिम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस स्वदेशी missile को Static Launcher से Integrated Test Range (ITR) के launching complex-III से test किया गया।

इस Test में क्या खास था?

यह कोई साधारण mission नहीं था! इस missile ने Mach 3 (आवाज़ की गति से तीन गुना तेज़) की speed पर उड़ान भरी और अपने Aerial Target को सटीकता से neutralise कर दिया।

रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन ने सभी Mission Objectives पूरे कर लिए। कई Range Instruments जैसे Telemetry, Radar और Electro-Optical Tracking Systems से मिले data से यह साफ हो गया कि मिसाइल सिस्टम पूरी तरह से कामयाब रहा।

“Flawless Performance इस बात का संकेत है कि यह sysytem Induction के लिए तैयार है,” एक अधिकारी ने कहा।

SFDR Technology – भारत की अनोखी कामयाबी

सबसे बड़ी बात यह है कि SFDR तकनीक को भारत ने खुद विकसित किया है। यह technology भारत को Long-Range Air-to-Air Missiles बनाने में सक्षम बनाएगी, जो 300-kilometer से ज्यादा दूरी पर तेज़ी से उड़ने वाले Aerial Targets को सुपरसोनिक स्पीड में मार गिराएगी।

SFDR को Defence Research and Development Laboratory (DRDL), Hyderabad ने विकसित किया है, जिसमें Research Centre Imarat (RCI), Hyderabad और High Energy Materials Research Laboratory (HEMRL), पुणे का भी महत्वपूर्ण योगदान है।

आगे की राह

पिछले महीने DRDO के पूर्व चेयरमैन G Satheesh Reddy ने कहा था कि SFDR तकनीक भारत को Long-Range Air-to-Air Missiles बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा था कि जब यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा, तो भारत ऐसा करने वाला पहला देश होगा।

इसके अलावा, नवंबर महीने में भारत ने और भी बड़ी सफलताएं दर्ज कीं:

  • 16 नवंबर को भारत ने अपनी पहली Long-Range Hypersonic Missile का सफल परीक्षण किया, जो 1,500 किमी दूर के लक्ष्य को तबाह कर सकती है।
  • 27 नवंबर को INS Arighaat Submarine से K-4 Missile का सफल टेस्ट किया गया, जिसकी रेंज 3,500 km है।

निष्कर्ष

DRDO की यह उपलब्धि भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता और नई ऊंचाइयों को दर्शाती है। SFDR का सफल final test इस बात का प्रमाण है कि भारत जल्द ही Cutting-Edge Defence Technology में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा।

अब समय दूर नहीं जब यह system हमारे सेना का अभिन्न हिस्सा बनेगा और दुश्मनों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

ऐसी और जानकारी के लिए जुड़े रहिए FaujiBeats के साथ।

 

जय हिंद!

आप Faujibeats को Instagram पर भी follow कर सकते हैं – यहाँ click करे।



Disclaimer : Faujibeats एक public information platform है, फौजी परिवार से अनुरोध है कि यहाँ दी गई जानकारी को सिर्फ़ संदर्भ (reference) के रूप में उपयोग करें और जानकारी की पुष्टि करने के लिए सरकार की वेबसाइट को refer करें। Fauji Beats पर जो image उपयोग किए गए हैं, वे असली चित्र नहीं हैं और केवल demonstration के लिए ली गए हैं। आपकी राय और सुधार के लिए हम हमेशा तयार हैं। यदी आपको कुछ भी सुधारने योग्य लगे, तो कृपया alert@faujibeats.com पर लिखें। जय हिंद!

Related Articles

General
5 Gorkha Rifles Raising Day पर पढ़िए “Ayo Gorkhali” की 168 साल पुरानी वीरगाथा
5500
4.5
General
Electronic Warfare System क्या है? जानिए आधुनिक युद्ध में इसकी ताकत और भारत की तैयारी
6500
4.5
General
Vikram VT-21 क्यों बन रहा है खबरों का केंद्र?
5050
4.5
Disclaimer : Faujibeats एक public information platform है, फौजी परिवार से अनुरोध है कि यहाँ दी गई जानकारी को सिर्फ़ संदर्भ (reference) के रूप में उपयोग करें और जानकारी की पुष्टि करने के लिए सरकार की वेबसाइट को refer करें। Fauji Beats पर जो image उपयोग किए गए हैं, वे असली चित्र नहीं हैं और केवल demonstration के लिए ली गए हैं। आपकी राय और सुधार के लिए हम हमेशा तयार हैं। यदी आपको कुछ भी सुधारने योग्य लगे, तो कृपया alert@faujibeats.com पर लिखें। जय हिंद!