देश की सेवा में बिताए वर्षों के बाद जब एक फौजी अपनी अगली पारी की ओर बढ़ता है, तो उसके साथ सिर्फ अनुभव नहीं होता। उसके पास अनुशासन, नेतृत्व, जिम्मेदारी, टीम के साथ काम करने की क्षमता और मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसले लेने का अनुभव भी होता है। यही खूबियां सेना के बाहर भी कई नए रास्ते खोल सकती हैं।
इसी दिशा में भारतीय रेल (Indian Railways) और भारतीय सेना (Indian Army) ने एक फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन (Framework of Cooperation) शुरू किया है। इसका उद्देश्य पूर्व सैनिकों और सेना से नागरिक जीवन में आने वाले अग्निवीरों के लिए रेलवे में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना और सेना से नागरिक करियर में बदलाव को ज्यादा व्यवस्थित बनाना है।
इस पहल के तहत पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे की अलग-अलग श्रेणियों में रिजर्वेशन (Reservation) का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, नियमित भर्ती पूरी होने तक पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन (Pointsman) के पद पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम करने का अवसर भी दिया जा रहा है।
आइए जानते हैं कि 2026 में पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे समेत कौन-कौन से रोजगार और करियर के अवसर मौजूद हैं।
भारतीय रेल और भारतीय सेना के बीच हुए इस सहयोग के तहत पूर्व सैनिकों के लिए रेलवे की अलग-अलग श्रेणियों में हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन (Horizontal Reservation) का प्रावधान किया गया है।
यहां यह समझना जरूरी है कि रिजर्वेशन का मतलब सीधे नौकरी मिलना नहीं है। उम्मीदवार को संबंधित भर्ती की योग्यता, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तों को पूरा करना होगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2024 और 2025 में जारी रेलवे भर्ती अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद रिजर्व किए गए थे।
इनमें:
शामिल थे।
इससे पता चलता है कि रेलवे पूर्व सैनिकों के लिए सरकारी रोजगार का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है।
रेलवे में नियमित भर्ती पूरी होने तक कर्मचारियों की जरूरत को पूरा करने के लिए पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के पद पर कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त करने की व्यवस्था की गई है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 5,000 से ज्यादा लेवल-1 पदों पर प्रक्रिया चल रही थी। इसके साथ ही 9 रेलवे डिवीजनों ने सेना के संगठनों के साथ एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के अनुभव का उपयोग करते हुए रेलवे में जरूरी मानव संसाधन की उपलब्धता को बेहतर करना भी है।
हालांकि, किसी भी पद के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित रेलवे, आरआरबी (RRB) या आरआरसी (RRC) की आधिकारिक सूचना जरूर देखनी चाहिए।
सेना में काम करने के दौरान हासिल की गई कई क्षमताएं नागरिक क्षेत्र में भी काम आती हैं।
उदाहरण के लिए:
इन्हीं अनुभवों के आधार पर पूर्व सैनिक अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं।
सरकारी क्षेत्र पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण विकल्प है।
केंद्र और राज्य सरकारों की अलग-अलग भर्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए लागू नियमों के अनुसार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
हर भर्ती में आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और रिजर्वेशन के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना पढ़ना जरूरी है।
पूर्व सैनिकों के लिए बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र भी एक संभावित करियर विकल्प हो सकता है।
सेवा के दौरान लोगों से संपर्क, प्रशासन और जिम्मेदारी संभालने का अनुभव यहां उपयोगी हो सकता है।
कुछ भर्तियों में पूर्व सैनिकों के लिए अलग प्रावधान हो सकते हैं। इसलिए हर पद की पात्रता अलग से देखनी चाहिए।
डायरेक्टोरेट जनरल रिसेटलमेंट यानी डीजीआर (Directorate General Resettlement) पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी संस्था है।
डीजीआर के माध्यम से समय-समय पर पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार और स्वरोजगार (Self-Employment) से जुड़ी योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इन योजनाओं की पात्रता और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है। इसलिए वर्तमान जानकारी के लिए डीजीआर की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर है।
आज पूर्व सैनिक केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। निजी कंपनियों में भी उनके अनुभव की जरूरत हो सकती है।
यहां एक महत्वपूर्ण बात है।
नौकरी के लिए आवेदन करते समय केवल अपनी सैन्य रैंक या पद बताने के बजाय यह बताना उपयोगी होता है कि आपने कितने लोगों की टीम संभाली, किस तरह के संचालन की जिम्मेदारी ली और किन समस्याओं का समाधान किया।
सुरक्षा का क्षेत्र पूर्व सैनिकों के अनुभव से सीधे जुड़ा हुआ हो सकता है।
बड़े कारखानों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, गोदामों और अन्य संस्थानों में इस तरह के काम मिल सकते हैं।
अगर किसी पूर्व सैनिक की रुचि पढ़ाने, प्रशिक्षण देने या युवाओं का मार्गदर्शन करने में है, तो शिक्षा और प्रशिक्षण क्षेत्र भी अच्छा विकल्प हो सकता है।
सेना में लंबे समय तक लोगों को प्रशिक्षित करने का अनुभव इस क्षेत्र में उपयोगी हो सकता है।
तकनीकी पृष्ठभूमि वाले पूर्व सैनिक आईटी और तकनीकी क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं।
नेटवर्किंग में रुचि रखने वाले लोग सीसीएनए (CCNA) और सीसीएनपी (CCNP) जैसे प्रमाणपत्रों पर विचार कर सकते हैं।
साइबर सुरक्षा एक विशेषज्ञता वाला क्षेत्र है। इसमें प्रवेश के लिए संबंधित प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र उपयोगी हो सकते हैं।
तकनीकी अनुभव वाले पूर्व सैनिक इन क्षेत्रों में काम तलाश सकते हैं:
सेना में सामान, वाहन, लोगों और संसाधनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने का अनुभव नागरिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स (Logistics) और सप्लाई चेन (Supply Chain) के काम में उपयोगी हो सकता है।
हर पूर्व सैनिक नौकरी करना ही चाहता हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
कुछ लोग सेवा के बाद अपना कारोबार शुरू करना पसंद करते हैं।
सुरक्षा से जुड़े अनुभव वाले पात्र पूर्व सैनिक सुरक्षा सेवा का कारोबार शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।
वाहन और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन का अनुभव रखने वाले लोग इस क्षेत्र में कारोबार देख सकते हैं।
कई पूर्व सैनिक सेवा के बाद:
जैसे क्षेत्रों में भी काम शुरू करते हैं।
क्षेत्र और निवेश के अनुसार खुदरा दुकान, सर्विस सेंटर या अन्य फ्रेंचाइजी कारोबार भी विकल्प हो सकता है।
किसी विशेष क्षेत्र का अनुभव रखने वाले पूर्व सैनिक कंसल्टेंसी (Consultancy) के जरिए अपनी विशेषज्ञता का उपयोग कर सकते हैं।
सेना की भर्ती और प्रशिक्षण व्यवस्था को करीब से समझने वाले पूर्व सैनिक युवाओं का मार्गदर्शन कर सकते हैं।
वे:
जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं।
ऑनलाइन माध्यम से यह काम छोटे स्तर से भी शुरू किया जा सकता है।
डिजिटल दुनिया ने पूर्व सैनिकों के लिए कुछ नए रास्ते भी बनाए हैं।
अगर किसी को लिखने, बोलने, पढ़ाने या वीडियो बनाने में रुचि है, तो वह:
जैसे काम कर सकता है।
यह उन लोगों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जो घर से या अपने समय के अनुसार काम करना चाहते हैं।
सैन्य अनुभव आपकी बड़ी ताकत है, लेकिन नागरिक क्षेत्र में कुछ नई स्किल (Skill) जोड़ने से करियर के नए विकल्प खुल सकते हैं।
अपनी रुचि के अनुसार आप सीख सकते हैं:
हर व्यक्ति के लिए ये सभी स्किल सीखना जरूरी नहीं है। बेहतर होगा कि जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उसी से जुड़ी स्किल पहले सीखें।
पूर्व सैनिकों के लिए नौकरी तलाशते समय एक चुनौती यह हो सकती है कि नागरिक क्षेत्र के नियोक्ता सैन्य पदों और शब्दों से पूरी तरह परिचित न हों।
इसलिए अपने अनुभव को आसान भाषा में समझाना उपयोगी होता है।
उदाहरण के लिए:
सैन्य अनुभव: बड़ी टीम की कमान संभालना
सिविलियन रिज्यूमे: बड़ी टीम का नेतृत्व और कर्मचारियों तथा संसाधनों का प्रबंधन
सैन्य अनुभव: लॉजिस्टिक्स
सिविलियन रिज्यूमे: सामान, परिवहन और सप्लाई चेन का प्रबंधन
सैन्य अनुभव: ऑपरेशनल प्लानिंग
सिविलियन रिज्यूमे: संचालन और परियोजना की योजना बनाना
इससे नियोक्ता को आपके अनुभव की उपयोगिता समझने में आसानी होती है।
सोचें कि आप आगे:
या कुछ और करना चाहते हैं।
सिर्फ रैंक और जिम्मेदारियों के बजाय अपनी उपलब्धियों और नागरिक क्षेत्र में काम आने वाली स्किल को सामने रखें।
अपने लक्ष्य के अनुसार एक उपयोगी स्किल चुनें और उस पर ध्यान दें।
रेलवे भर्ती, सरकारी नौकरी, डीजीआर योजना या रिजर्वेशन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना को अंतिम आधार मानें।
पूर्व सैनिक संगठन, साथी पूर्व सैनिक, पेशेवर नेटवर्क और लिंक्डइन (LinkedIn) जैसे माध्यम नई जानकारी और अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं।
सेना में बिताया गया समय व्यक्ति को कई ऐसी क्षमताएं देता है जिनकी जरूरत नागरिक जीवन में भी होती है। अनुशासन, नेतृत्व, जिम्मेदारी, टीम प्रबंधन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का अनुभव किसी भी दूसरी करियर पारी की मजबूत नींव बन सकता है।
रेलवे और सेना के बीच शुरू किया गया नया फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए रेलवे में रोजगार के अवसरों को एक व्यवस्थित दिशा देने की कोशिश है। रेलवे में रिजर्वेशन और पॉइंट्समैन के अवसरों के अलावा सरकारी नौकरी, बैंकिंग, निजी क्षेत्र, सुरक्षा, शिक्षा, आईटी, लॉजिस्टिक्स और स्वरोजगार जैसे कई रास्ते भी मौजूद हैं।
सबसे जरूरी है कि अपनी रुचि, अनुभव और भविष्य के लक्ष्य के अनुसार सही क्षेत्र चुना जाए और जरूरत के अनुसार नई स्किल सीखी जाए।
सेवा की वर्दी बदल सकती है, लेकिन वर्षों से हासिल किया गया अनुभव और नेतृत्व की क्षमता हमेशा साथ रहती है।
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जय हिंद।
पूर्व सैनिकों के लिए लेवल-1 पदों में 20% और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के पदों में 10% हॉरिजॉन्टल रिजर्वेशन का प्रावधान है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-1 में 10% और लेवल-2 तथा उससे ऊपर के पदों में 5% रिजर्वेशन का प्रावधान है।
रेलवे ने नियमित भर्ती पूरी होने तक पूर्व सैनिकों को कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर पॉइंट्समैन के रूप में लगाने की व्यवस्था की है। 5,000 से ज्यादा लेवल-1 पदों पर प्रक्रिया चल रही थी।
2024 और 2025 की रेलवे भर्ती अधिसूचनाओं में पूर्व सैनिकों के लिए कुल 14,788 पद रिजर्व किए गए थे।
नहीं। सरकारी नौकरी के अलावा बैंकिंग, निजी कंपनियां, सुरक्षा, शिक्षा, आईटी, लॉजिस्टिक्स, अपना कारोबार, प्रशिक्षण और फ्रीलांसिंग जैसे कई क्षेत्र देखे जा सकते हैं।
डायरेक्टोरेट जनरल रिसेटलमेंट (Directorate General Resettlement) यानी डीजीआर पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े अवसरों के लिए काम करने वाली सरकारी संस्था है।
नहीं। रिजर्वेशन के बावजूद उम्मीदवार को संबंधित भर्ती की पात्रता और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।


