हर साल, कई फौजी फॅमिली के लोग local tax filing agents के झांसे में आ जाते हैं। ये एजेंट्स बड़े-बड़े टैक्स रिफंड का वादा करते हैं, लेकिन इसके लिए आपकी आमदनी को या तो कम रिपोर्ट करते हैं या गलत रिपोर्ट करते हे । अफसोस की बात है कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं जो केवल फौजी फॅमिली के लोगो को भुगतने पड़ते हे |
इस बढ़ती समस्या को देखते हुए, इस साल अप्रैल में AG ब्रांच ने एक advisory जारी की है। इसमें सशस्त्र बलों के कर्मियों को संदेहास्पद इनकम टैक्स रिफंड क्लेम्स के बारे में सावधान किया गया है। ये क्लेम्स अक्सर इनकम टैक्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत आते हैं, जिससे भारी जुर्माना लग सकता है। (एडवाइजरी को यहाँ पढ़े|)
हममें से कई लोग सोचते हैं कि, इतने सारे लोग टैक्स फाइल करते हैं, मैं नहीं पकड़ा जाऊँगाा।
आयकर विभाग की तकनीक और प्रक्रियाएं अब पहले से बहुत बेहतर हो गई हैं। डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन की मदद से आमदनी को कम या गलत रिपोर्ट करना अब आसान नहीं रहा। अब सिस्टम खुद ही वित्तीय लेन-देन को क्रॉस-चेक कर लेते हैं और गड़बड़ियों को पकड़ लेते हैं।
इसलिए, ऐसी सोच पर निर्भर होना एक गलतफहमी है।
अगर मैं पकड़ा गया तो क्या होगा?
जब अस्सेसिंग ऑफिसर को पता चलता है कि आपने आमदनी को कम या गलत रिपोर्ट किया है, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 270A के तहत आपको जुर्माना भरना पड़ेगा।
फौजी फॅमिली को ध्यान रखना चाहिए कि धारा 270A के तहत लगाया गया जुर्माना टैक्स के अतिरिक्त होगा।
तो क्या मेरे local tax filing agent को भी सजा मिलेगी?
जब आपको धोखाधड़ीपूर्ण रिफंड के नोटिस मिलते हैं, तो मदद करने वाले local agent को कोई सजा नहीं मिलती। पूरी जिम्मेदारी फौजी फॅमिली के सदस्यों पर होती है।
हम्म, ये तो सच में गंभीर है।
बिलकुल, सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए ये जरूरी है कि वे सतर्क रहें और सुनिश्चित करें कि उनके टैक्स रिटर्न सही और कानून के अनुसार हों। अधिक रिफंड के चक्कर में पड़ना भारी वित्तीय और कानूनी समस्याएं खड़ी कर सकता है।
अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) हमेशा एक अधिकृत एजेंट से फाइल कराएं जिसके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी किया गया ERI (e-Return Intermediary) लाइसेंस हो। ये एजेंट कानूनी रूप से प्रमाणित होते हैं और सही तरीके से टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद करते हैं। (इनकम टैक्स द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंट्स की लिस्ट)
फिर मिलेंगे...
जय हिंद!


