एक दिन, Subedar Joshi अपनी annual leave से वापस Amritsar के लिए निकल रहे थे। Baroda से सुबह के समय, जब उन्होंने Amritsar के लिए train ली, तो Amritsar पहुँचते-पहुँचते रात बहुत हो चुकी थी। वहाँ पहुँच कर उन्हें कोई auto, cab, या bus नहीं मिली। काफी देर इंतजार करने के बाद, एक random taxi आई। Subedar Joshi सूझ-बूझ से उस taxi में बैठने का फैसला किया क्युकी taxi driver काफी friendly लग रहा था |
Taxi driver से बातचीत के दौरान, Subedar Joshi ने अपनी leave और Amritsar में गुजारे कुछ पलों का जिक्र किया। जैसे ही taxi cantonment area के पास पहुँची, फौजी ने driver से वहीं रुकने को कहा और बाकी का 2 min का रास्ता पैदल चल कर cantonment पहुँच गए।
जब Subedar Joshi सुबह उठे, उन्होंने अपना mobile check किया और पाया कि उनके account से 1.5 लाख रुपये निकल चुके हैं। यह देखकर वो हिल गए और तुरंत अपने station commander को इस बारे में सूचित किया की इस तरह पैसे निकल गए है , और कल वो रात में ही station पोहोचे है | उनके station commander ने उनसे पूछा कुछ ऐसा हुआ है जो शायद उन्हें अटपटा लगा हो , तबक के लिए station commander ने उन्हें advise किया कि वो bank और police के साथ इस issue को report करें।
इसी बीच, Subedar Joshi को एक और unknown number से call आया। Caller ने उन्हें details दी कि कैसे वो Amritsar से वापस आए हैं और उनकी leave के बारे में specific बातें बताई। Subedar Joshi ने ये सब सुन कर station commander को inform किया और सोचा कि ये जरूरी है कि वो अपने परिवार को इस बारे में भी बताएं।
Subedar Joshi के फोन मिलाते ही उनकी बेटियों ने बताया कि रात को उन्हें एक call आई थी जिसमें कहा गया था कि Subedar Joshi को hospital में admit करना पड़ा है। Caller ने कहा कि military hospital से कुछ चीजें possible नहीं थी, इसलिए उन्हें civil hospital ले जाना पड़ा। Caller ने emergency के नाम पर 50,000 रुपये transfer करने को कहा। Caller ने उन्हें Subedar Joshi के unit और station के बारे में सारी सही information दी, जिस वजह से बेटियों को यह call legit लगी और उन्होंने पैसे transfer कर दिए, क्योंकि उस वक्त Subedar Joshi का फोन नहीं लग रहा था।
यह मामला officers के बीच चर्चा का विषय बन गया। Border areas में, और किसी भी जगह पर, इस तरह की situations से बचने के लिए extra caution जरूरी है। यह incident याद दिलाता है कि हमें हमेशा vigilant रहना चाहिए और अपनी personal information किसी stranger के साथ share नहीं करनी चाहिए।
यह कहानी एक मिसाल है कि vigilance और awareness कितनी जरूरी है, चाहे हम अपने मुल्क के अंदर ही क्यों ना हों। हमेशा अपनी safety और security पर ध्यान दें, और किसी भी तरह के potential traps से बचने की कोशिश करें। National Crime Records Bureau (NCRB) के अनुसार, India में हर साल लगभग 3.5 लाख से अधिक लोग financial frauds का शिकार होते हैं। 2023 में, cyber-crimes के 1.25 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। इसलिए हमारा हमेशा aware और alert रहना बहुत ज़रूरी है।
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जय हिंद!


