क्या आपने कभी सोचा है कि आपका लोन अप्रूवल (Loan Approval) देर से क्यों होता है या इंटरेस्ट रेट (Interest Rate) ज़्यादा क्यों लगता है? इसका जवाब छुपा होता है एक नंबर में, आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score)।
कई डिफेंस कर्मियों का क्रेडिट स्कोर बार-बार ट्रांसफर, बैंक की सीमित पहुंच या समय पर भुगतान न कर पाने की वजह से कम हो जाता है।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि इसे सुधारना बहुत आसान है। कुछ स्मार्ट स्टेप्स और थोड़े अनुशासन से आप अपने लो क्रेडिट स्कोर को एक मज़बूत फाइनेंशियल एसेट में बदल सकते हैं।
क्रेडिट स्कोर (Credit Score) एक तीन अंकों का नंबर (300–900) होता है जो दिखाता है कि आप अपने लोन और पेमेंट्स को कितनी जिम्मेदारी से हैंडल करते हैं।
• 750+ = एक्सीलेंट (Excellent)
• 700–749 = गुड (Good)
• 650–699 = एवरेज (Average)
• 650 से नीचे = इम्प्रूवमेंट की ज़रूरत (Needs Improvement)
जितना ज़्यादा स्कोर होगा, आपके लोन अप्रूवल (Loan Approval) उतने ही तेज़ और आसान होंगे।
समय पर पेमेंट करना सबसे ज़रूरी कदम है। एक भी EMI मिस या लेट पेमेंट आपके स्कोर को नीचे गिरा सकता है। ऑटो-डेबिट (Auto-debit) या रिमाइंडर (Reminder) सेट करें ताकि कोई पेमेंट कभी मिस न हो।
अगर आपका कार्ड लिमिट ₹1,00,000 है तो कोशिश करें कि हर महीने ₹30,000 से ज़्यादा खर्च न करें। लिमिटेड यूसेज आपके जिम्मेदार क्रेडिट बिहेवियर को दर्शाता है।
कम समय में कई लोन या कार्ड के लिए अप्लाई करना बैंक को संकेत देता है कि आप क्रेडिट पर निर्भर हैं। ज़रूरत होने पर ही लोन लें और सुनिश्चित करें कि आप उसे आराम से चुका सकें।
पुराने अकाउंट्स आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को लंबा और मज़बूत बनाते हैं। अगर आपने किसी अकाउंट को जिम्मेदारी से हैंडल किया है, तो उसे खुला रखें, इससे आपका ट्रस्ट फैक्टर बढ़ता है।
कभी-कभी रिपोर्ट में गलत जानकारी या पुराने डेटा रह जाते हैं, जो स्कोर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साल में कम से कम एक बार अपनी फ्री क्रेडिट रिपोर्ट (Free Credit Report) डाउनलोड करें और अगर कोई गलती दिखे तो तुरंत डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें।
पर्सनल लोन की ब्याज दरें ज़्यादा होती हैं। जितना संभव हो, कम ब्याज वाले विकल्प चुनें या कई पर्सनल लोन को एक में मर्ज करें ताकि EMI का बोझ घटे।
अगर आपको लगता है कि कोई EMI देरी से होगी, तो अपने बैंक को पहले से बताएं। कई डिफेंस-फ्रेंडली बैंक (Defence-friendly Banks) ऐसे मामलों में लचीला व्यवहार करते हैं और मदद भी देते हैं।
आपके पास सिक्योर्ड (जैसे होम या कार लोन) और अनसिक्योर्ड (जैसे क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन) दोनों तरह का बैलेंस होना चाहिए। इससे आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल मजबूत दिखती है।
अपनी क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड करें और देखें कहाँ गलती है।
ऑटो-डेबिट चालू करें, ओवरड्यू रकम चुकाएँ और कार्ड यूसेज घटाएँ।
अगर रिपोर्ट में कोई गलती है तो डिस्प्यूट दर्ज करें।
अच्छी पेमेंट हैबिट्स अपनाएँ और नए लोन से बचें।
स्कोर फिर से चेक करें, आमतौर पर 30 से 70 पॉइंट्स तक सुधार दिखता है।
अगर आपका क्रेडिट स्कोर बहुत कम है, तो FD-बेस्ड क्रेडिट कार्ड (FD-based Credit Card) आपके लिए बढ़िया विकल्प है। इसमें आप एक छोटी फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) खोलते हैं और बैंक उसी का 75–90% लिमिट वाला कार्ड जारी करता है।
कोई लंबा पेपर वर्क नहीं, न इनकम प्रूफ की झंझट। सबसे अच्छी बात, इस कार्ड का सही इस्तेमाल करने से आपका स्कोर जल्दी बढ़ता है, और आपका FD भी ब्याज कमाता रहता है। यह एकदम विन-विन (Win-Win) सिचुएशन है।
अपना क्रेडिट स्कोर सुधारना मुश्किल नहीं है, बस थोड़ी प्लानिंग और समय पर पेमेंट की आदत ज़रूरी है। नियमित पेमेंट, स्मार्ट कार्ड यूसेज और थोड़ी अनुशासन के साथ आप आसानी से 750+ का स्कोर हासिल कर सकते हैं और बेहतर लोन व इंटरेस्ट रेट का लाभ उठा सकते हैं।
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जय हिंद!


