logo
search_icon

फेक वेबसाइट्स का बढ़ता जाल: दिखती असली, होती नकली

4909 Views
icon

क्या आप जानते हैं? सरकारी report के अनुसार, 2025 में भारत में 17.82 लाख online fraud की शिकायतें दर्ज हुई हैं। धोखेबाज अब UPI, फर्जी websites, social media links और messages का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। बहुत से लोग एक सेकंड में किसी नकली link पर क्लिक कर देते हैं और कुछ ही मिनटों में बैंक बैलेंस खाली हो जाता है। यह खतरा हम सबके बहुत करीब है।

हाल ही में FaujiBeats के एक poll में लोगों से पूछा गया कि क्या उन्होंने या उनके किसी जानने वाले ने कभी किसी फर्जी website या link पर क्लिक करके नुकसान झेला है। कुल 64% लोगों ने कहा कि उन्हें फर्जी लिंक से धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। यह दिखाता है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी अब आम हो गई है और एक छोटी सी गलती भी कई बार मिनटों में बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है।

यहाँ तक की बैंक अकाउंट टेकओवर, क्रेडिट कार्ड स्कैम, और नकली सामान की खरीद जैसी कई घटनाएं सिर्फ एक फेक वेबसाइट के कारण शुरू होती हैं।

फेक वेबसाइट क्या होती है?

2024 के पहले क्वार्टर में ही 9,63,000 से अधिक यूनिक फिशिंग साइट्स मिलीं। यह सिर्फ फिशिंग साइट्स की संख्या है। असली नकली वेबसाइट्स की कुल संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।

फेक वेबसाइट एक ऐसी नकली साइट होती है जो किसी असली वेबसाइट जैसी दिखती है। लोगो, डिज़ाइन, URL, रंग, भाषा… सब कुछ हूबहू कॉपी किया जाता है ताकि यूज़र बिना शक के अपनी जानकारी डाल दे।

अटैकर्स इन्हें बहुत तेजी से बनाते हैं। कभी पेड ऐड्स से, कभी SMS फिशिंग से, कभी सोशल मीडिया, तो कभी SEO का इस्तेमाल करके।

फेक वेबसाइट्स (fake websites) खतरनाक क्यों हैं? 

एक बार आप इन साइट्स पर पहुंच गए तो आपके साथ यह हो सकता है:

• लॉगिन जानकारी चोरी

• कार्ड डेटा लीक

• मैलवेयर इंस्टॉल

• आपके नाम से गलत जानकारी फैलना

फेक वेबसाइट्स के मुख्य प्रकार?

ई-कॉमर्स स्कैम साइट्स (E-commerce scams sites)

Nike, Adidas, Apple जैसी दिखने वाली नकली साइट्स। 

मिलता है: घटिया प्रोडक्ट, नकली सामान या कुछ भी नहीं। साथ में कार्ड डेटा चोरी।

अकाउंट टेकओवर साइट्स (account takeover sites)

बैंक, ईमेल, ट्रैवल, यूनिवर्सिटी पोर्टल के फेक लॉगिन पेज। यूज़रनेम–पासवर्ड डालते ही अकाउंट खतरे में।

इन्वेस्टमेंट फ्रॉड साइट्स (investment fraud sites)

उच्च रिटर्न का लालच। लोग पैसे भेज देते हैं और बाद में साइट गायब।

गिफ्ट कार्ड स्कैम साइट्स (fake card scam sites)

नकली या इस्तेमाल किए हुए गिफ्ट कार्ड बेचती हैं। पैसा भी जाता है, डेटा भी।

फेक न्यूज़ और मिसइन्फॉर्मेशन साइट्स (fake news and misinformation sites)

अमेरिका में फेक न्यूज़ साइट्स की संख्या असली लोकल मीडिया से भी ज्यादा पाई गई। ये साइट्स गलत जानकारी फैलाती हैं और लोगों की राय को प्रभावित करती हैं।

फेक वेबसाइट्स को कैसे पहचानें (6 आसान तरीके)?

URL ध्यान से देखें

amazon.com और amaz0n.com में छोटा फर्क भी बहुत बड़ा होता है।

साइट सील चेक करें

DigiCert जैसी असली सील क्लिक करने पर खुलती है। नकली सील क्लिक नहीं होगी।

सिक्योरिटी देखें (HTTPS, SSL)

पैडलॉक गारंटी नहीं है। लेकिन HTTP (बिना S) हमेशा खतरा है।

वेबसाइट चेकर का इस्तेमाल करें

Google Safe Browsing जैसे टूल तुरंत बता देते हैं कि URL सुरक्षित है या नहीं।

ट्रस्ट इंडिकेटर्स चेक करें

रिटर्न पॉलिसी, प्राइवेसी पॉलिसी, सही पता, स्पेलिंग और भरोसेमंद रिव्यू।

शक हो तो कभी भी फ़ॉर्म न भरें

नाम, ईमेल… कुछ भी न डालें।

URL Warning Signs (बहुत जरूरी)

• डोमेन का आखिरी हिस्सा देखें google.com.cust-login.ie
असली डोमेन है: cust-login.ie

• हाइफ़न वाला डोमेन
google-search.com असली नहीं है

• नंबर वाला डोमेन
http://192.12.1.10जोखिम ज्यादा

• माउस-ओवर करके असली लिंक देखें
दिखने में कुछ और, खुलने पर कुछ और

फेक वेबसाइट्स बढ़ने के कारण

अब स्कैमर्स:

• बड़े मीडिया ब्रांड्स की कॉपी बना रहे हैं

• SEO का इस्तेमाल कर नकली साइट्स को ऊपर ला रहे हैं

• कंटेंट फ़ार्मिंग से हजारों फेक आर्टिकल बना रहे हैं

• असली न्यूज़ को "Admin" नाम से छाप रहे हैं

एक रिपोर्ट ने 60 से ज्यादा नकली न्यूज़ साइट्स का नेटवर्क पकड़ा जो BBC, Bloomberg, CNBC और Washington Post जैसी साइट्स की नकल थीं।

रियल लाइफ उदाहरण

• PayPal क्लोन साइट्स — paypa1.com जैसी

• Apple Support SEO स्कैम

• Netflix Billing Error स्कैम

• ChatGPT डाउनलोड मालवेयर साइट्स

• Nike World Cup Sale स्कैम

ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है, लेकिन इसके साथ Cyber Insurance जैसे नए तरीके एक security layer प्रदान करते हैं । यह insurance उन स्थितियों में मदद करता है जब आपके बैंक खाते से fraud transaction हो, आपके device या data को नुकसान पहुंचे, phishing लिंक या scam से आर्थिक नुकसान हो, या आपकी ऑनलाइन पहचान का दुरुपयोग हो। ऐसे मामलों में यह वित्तीय नुकसान की भरपाई करता है और आपके डिजिटल जीवन का एक सुरक्षित कवच बन जाता है।

ऐसी और जानकारी के लिए जुड़ेरहे FaujiBeats के साथ!

जय हिन्द!



Disclaimer : Faujibeats एक public information platform है, फौजी परिवार से अनुरोध है कि यहाँ दी गई जानकारी को सिर्फ़ संदर्भ (reference) के रूप में उपयोग करें और जानकारी की पुष्टि करने के लिए सरकार की वेबसाइट को refer करें। Fauji Beats पर जो image उपयोग किए गए हैं, वे असली चित्र नहीं हैं और केवल demonstration के लिए ली गए हैं। आपकी राय और सुधार के लिए हम हमेशा तयार हैं। यदी आपको कुछ भी सुधारने योग्य लगे, तो कृपया alert@faujibeats.com पर लिखें। जय हिंद!

Related Articles

Tech
WhatsApp स्कैम्स से सावधान: फौजियों को कैसे निशाना बना रहे हैं ऑनलाइन ठग
5050
4.5
Tech
डिफेंस पेंशन स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
5035
4.5
Tech
डिजिटल फ्रॉड पर RBI के नए नियम 2026
5050
4.5
Disclaimer : Faujibeats एक public information platform है, फौजी परिवार से अनुरोध है कि यहाँ दी गई जानकारी को सिर्फ़ संदर्भ (reference) के रूप में उपयोग करें और जानकारी की पुष्टि करने के लिए सरकार की वेबसाइट को refer करें। Fauji Beats पर जो image उपयोग किए गए हैं, वे असली चित्र नहीं हैं और केवल demonstration के लिए ली गए हैं। आपकी राय और सुधार के लिए हम हमेशा तयार हैं। यदी आपको कुछ भी सुधारने योग्य लगे, तो कृपया alert@faujibeats.com पर लिखें। जय हिंद!