Vickrant Raj बचपन से Army uniform पहनने का सपना देखते थे।आज उनकी बोली लड़खड़ाती है और हर कदम पर सहारा चाहिए।लेकिन जब भी टीवीपर Army की फ़िल्म देखते हैं, उनकी आँखों में वही चमक लौट आती है, जैसे देश की सेवा करने का सपना अब भी ज़िंदा है।
Shubham Gupta कभी fighter jet के cockpit का सपना देखते थे, आज हालात ऐसे हैं कि पानी का गिलास भी नहीं उठा पाते।
Kishan Kulakarni कीज़िंदगी अब पूरी तरह उनकी माँ पर निर्भर है। छोटे-छोटे रोज़मर्रा के काम भी वे अकेले नहीं कर पाते।
Harish Sinhmar जोकभी जोश और उम्मीद से भरे रहते थे,अब ज़िंदगी की जंग लड़ते-लड़ते हिम्मत खो चुके हैं।
ये सभी कभी India के सबसे प्रतिष्ठित military institutions NDA और IMA के cadets रह चुके हैं।कठिन selection process और देशभक्ति से भरे ये युवा आज चुपचाप और बिना उस पहचान के जीवन की एक अलग ही लड़ाई लड़ रहे हैं।
क्या आप जानते हैं, 1985 से अब तक ऐसे करीब 500 officer cadets को training के दौरान हुई गंभीर चोटों और permanent disabilities की वजह से academies से medically discharge कर दिया गया है?
आज इनमें से ज़्यादातर cadets महंगे medical खर्चों से जूझ रहे हैं। उन्हें मिलने वाला ex-gratia payment (salary या pension के आलावा एक तरह की financial मदद) उनके इलाज के actual खर्च से बहोत कम है। केवल NDA में ही, 2021 से जुलाई 2025 के बीच लगभग 20 cadets medical reasons की वजह से discharge किए गए।
अब ऐसे कईं cadets के लिए sou-motu एक ray of hope बनकर उभरा है!
Suo-motu क्या है? और इस केस में कैसे एक नयीं उम्मीद है?
दर असल suo-motu एक Latin शब्द है जिसका मतलब होता है court ने बिना किसी के case दाख़िल किए, खुद से action लिया है। Supreme Court ने हाल ही में इसी suo-motu द्वारा कदम उठाते हुए उन officer cadets की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया है, जो military training के दौरान घायल होकर permanent disabilities का सामना कर रहे हैं।
इस case में B V Nagarathna और R Mahadevan की बेंच ने केंद्र सरकार और तीनों सेनाओं के Chiefs से जवाब मांगा है। इन cadets की मदद केलिए Supreme Court ने कुछ संभावित measures भी सुझाए हैं, जैसे monthly compensation को बढ़ाना, insurance coverage देना और Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (RPwD Act) की protections इन cadets तक extend करना।
मुद्दा क्या है?
Court के Observations
Supreme Court ने सरकार से कुछ अहम प्रश्न उठाए:
Way Forward
इसी दिशा में Supreme Court ने कुछ solutions भी सुझाए हैं:
अगला कदम
Supreme Court ने केंद्र और Defence Ministry से 4 सितंबर 2025 तक detailed जवाब मांगा है।
Voices of Cadets
इन cadets की राय जानकर तो ये ही लगता है की यह कदम उन cadets और उनके परिवारों के लिए सिर्फ़ उम्मीद नहीं, बल्कि एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
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जय हिंद!


