27 फ़रवरी 2019 का दिन भारतीय आसमान में शौर्य और साहस की गूंज बनकर आज भी याद किया जाता है। उस दिन Wing Commander Abhinandan Varthaman ने अपने MiG-21 Bison से दुश्मन के
F-16 Fighter Jet को ध्वस्त कर दिया था । Abhinandan ने जब R-73 missile दागकर F- 16 को आसमान से गिराया, तब उन्होंने यह साबित किया कि MiG-21 Bison सही हाथों में किसी lethal weapon से कम नहीं है।
हालाँकि उनकी MiG-21 Bison दुश्मन की missile से hit हुई और crash कर गई। फिर भी, Abhinandan ने निडरता से eject किया और Pakistan की ज़मीन पर उतरे, जहाँ वे पकड़े गए। कुछ ही दिनों बाद उनकी release हुई और पूरा भारत उनकी वापसी का साक्षी बना।इस साहस के लिए उन्हें Vir Chakra, भारत का तीसरा सबसे बड़ा gallantry award, प्रदान किया गया।
यही घटना बताती है कि MiG-21 सिर्फ़ एक fighter jet नहीं, बल्कि ऐसे countless वीर किस्सों का हिस्सा रहा है, जहाँ machine और pilot ने मिलकर इतिहास लिखा।
अब Abhinandan Varthaman का वही साथी, the iconic MiG-21 अपनी लंबी सेवा यात्रा पूरी कर retirement की ओर बढ़ रहा है।लगभग छह decades तकयह aircraft देशकी हवाई सीमाओं की ढाल बना रहा। इसकी story केवल technology की नहीं बल्कि उस courage और spirit की है जिसने असंभव हालातों को भी जीत में बदला।
1971 war के दौरान Prithvi Singh Brar ने MiG-21 से एक ऐसा mission पूरा किया जो आज भी golden chapter है। Enemy airbase पर bombing करने बाद चार enemy fighter jets ने MiG को घेर लिया। Odds बहुत खराब थे, लेकिन Brar ने अपनी training, instinct और aircraft की power से सबको पीछे छोड़ दिया और base पर safe लौट आया। यह बताता है कि MiG-21 सिर्फ machine नहीं, बल्कि pilot का trusted companion रहा।
Media में इसे कई बार “Flying Coffin” और “Widow Maker” कहा गया। इसकी वजह थीं high accident rates और कई fatal crashes। लेकिन जिन pilots ने इसे उड़ाया, उनके लिए यह एक reliable partner था। उनका कहना था, अगर इसकी limits समझी जाएँ और proper training के साथ उड़ाया जाए, तो यह कभी let down नहीं करता। Analysts का यह भी मानना है कि accidents की वजह outdated design, limited modernization और tough training conditions थीं।
Training और International Cooperation
MiG-21 ने केवल Indian pilots को ही groom नहीं किया बल्कि इसे दूसरे देशों के pilots को भी सिखाया गया। यह aircraft एक ऐसा platform बना जिसने India को world’s leading air forces की league में शामिल किया।
MiG-21 related कुछ facts!
Final Phase: Last Touchdown
September 19, 2025, को MiG-21 का last touchdown scheduled है। यह सिर्फ एक aircraft का retirement नहीं बल्कि एक era का end है।
MiG-21 की journey India की defence history का shining chapter है। अब जब यह museum pieces में बदलने जा रहा है, तो आने वाली generations इसे देख पाएँगी और समझेंगी कि machines बदल जाती हैं, पर उनसे जुड़ी courage, trust और spirit हमेशा alive रहती है।
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जय हिंद!


