भारत में क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। देश में 113 मिलियन से अधिक एक्टिव क्रेडिट कार्ड उपयोग में हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
लेकिन क्रेडिट कार्ड का एक फीचर ऐसा है जिसे लोग अक्सर बिना पूरी जानकारी के इस्तेमाल कर लेते हैं — क्रेडिट कार्ड कैश विदड्रॉअल, जिसे कैश एडवांस भी कहा जाता है।
यह सुविधा आपातकाल में मदद कर सकती है, लेकिन सही समझ के बिना यह महंगी गलती साबित हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड कैश विदड्रॉअल (credit card cash withdrawal) का मतलब है कि आप अपने क्रेडिट कार्ड की उपलब्ध लिमिट से एटीएम या बैंक के माध्यम से नकद पैसा निकाल सकते हैं।
यह एक तरह का ऑन-द-स्पॉट लोन है, जिसमें अलग से डॉक्यूमेंटेशन या अप्रूवल की जरूरत नहीं होती।
लेकिन ध्यान रखें, यह सुविधा इंटरेस्ट-फ्री पीरियड में नहीं आती। इंटरेस्ट पहले दिन से ही लगना शुरू हो जाता है।
वह अधिकतम राशि जो आप कार्ड से खर्च कर सकते हैं।
वह अधिकतम नकद राशि जो आप क्रेडिट कार्ड से निकाल सकते हैं।
आमतौर पर कैश एडवांस लिमिट आपकी कुल क्रेडिट लिमिट का लगभग 20% से 40% तक होती है।
उदाहरण के लिए, यदि आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रुपये है, तो आप लगभग 20,000 से 40,000 रुपये तक नकद निकाल सकते हैं। बाकी राशि केवल कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए उपलब्ध रहेगी।
कैश एडवांस पर दो तरह के मुख्य चार्जेस लगते हैं:
क्रेडिट कार्ड कैश विदड्रॉअल को केवल वास्तविक इमरजेंसी में ही इस्तेमाल करना चाहिए, जैसे:
इसे नियमित खर्च या गैर-जरूरी खर्चों के लिए इस्तेमाल करना वित्तीय अनुशासन के खिलाफ है।
यदि आप कैश एडवांस लेकर समय पर भुगतान नहीं करते, तो:
इसलिए यदि कभी कैश विदड्रॉअल करें, तो उसे जल्द से जल्द चुका देना बेहतर है।
जैसे ऑपरेशनल रेडीनेस सेवा में महत्वपूर्ण है, वैसे ही फाइनेंशियल रेडीनेस परिवार की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
बेहतर प्रैक्टिस क्या हो सकती है:
सतर्क रहें। सुरक्षित रहें। फाइनेंशियली डिसिप्लिन्ड रहें।
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जय हिंद।
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