2025 की शुरुआत के साथ, रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इसे 'Year of Reforms' घोषित किया। यह ऐलान भारतीय सशस्त्र बलों को और भी आधुनिक, तेज़, और रणनीतिक रूप से तैयार बनाने के उद्देश्य से किया गया। Indian Army ने इस सुधार योजना को Viksit Bharat@2047 के दृष्टिकोण के साथ जोड़कर Future Ready Army बनाने की दिशा में अपने कदम तेज़ कर दिए हैं।
2025 का यह ऐलान भारतीय सेना के 'Year of Transformation' (2023) और 'Years of Technology Absorption' (2024-2025) के बाद आया है। सेना ने 2023 से 2032 तक को 'Decade of Transformation' नाम दिया है, जिससे पता चलता है कि बदलाव की यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलने वाली है।
Jointness और Integration
Modernisation और Technology Infusion
Systems और Processes का आधुनिकीकरण
Defence Diplomacy
Human Resource Management
'Year of Reforms' भारतीय सेना के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। यह सुधार सेना की operational readiness को बढ़ाएंगे, तकनीकी उन्नति को अपनाएंगे, और सेना को global military standards के करीब ले जाएंगे।
यह सफर केवल भारत की सैन्य ताकत को ही नहीं, बल्कि देश के Viksit Bharat@2047 के लक्ष्य को भी मज़बूती देगा। नई युद्ध रणनीतियों और तकनीकों के साथ तालमेल बैठाते हुए, भारतीय सेना देश की सुरक्षा और वैश्विक नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
भारतीय सेना का यह सफर यह दिखाता है कि कैसे वह बदलते समय के साथ खुद को ढाल रही है। 'Year of Reforms' न केवल सुधार का साल है, बल्कि भारतीय सेना के अगले चरण की रणनीतिक तैयारी का प्रतीक भी है।
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जय हिंद!
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