देश की सेवा करने वाले सैनिक केवल सीमाओं की रक्षा नहीं करते, बल्कि पूरे राष्ट्र का गर्व होते हैं। उनकी सेवा, त्याग और समर्पण के बाद जब वे सेवानिवृत्त होते हैं या उनके परिवार को सहायता कीआवश्यकता होती है, तब उनकी देखभाल और समर्थन का दायित्व केन्द्रीय सैनिक बोर्ड (Kendriya Sainik Board – KSB) निभाता है।
KSB रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यकरता है। इसका उद्देश्यपूर्व सैनिकों, शहीदों के परिवारों और विधवाओं को आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक सहयोग प्रदान करना है।
वर्ष 2025 के लिए KSB ने अपनी कई योजनाओं को अद्यतन किया है ताकि अधिक परिवारों को इनका लाभ मिल सके। आइए जानते हैं इन प्रमुख योजनाओं के बारे में।
यह योजना उन सैनिकों के बच्चों और विधवाओं के लिए है जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।
यह योजना पूर्व सैनिकों और शहीदों के बच्चों तथा विधवाओं की उच्च शिक्षा में सहायता के लिए शुरू की गई थी। इसका मकसद यह है कि किसी भी फौजी परिवार का बच्चा आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
बेटों को प्रति माह ₹2,500 और बेटियों को ₹3,000 की छात्रवृत्ति दी जाती है।
यह सुविधा केवल स्नातक या पेशेवर कोर्स में पढ़ने वाले बच्चों को मिलती है।
आवेदन KSB या DESW की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन किया जा सकता है।
पिछले वर्षों में लगभग 15,000 से अधिक छात्रों को हर साल ₹50 करोड़ से ज़्यादा की राशि वितरित की गई है।
यह योजना सैनिक परिवारों में शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सेवा के बाद कई बार जीवन में आर्थिक कठिनाइयाँ आ जाती हैं। ऐसे में KSB की यह REMWF (Raksha Mantri Ex-servicemen Welfare Fund) पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों केलिए सहारा बनती है।
₹4,000 प्रति माह उन पूर्व सैनिकों या विधवाओं के लिए जिनकी कोई स्थायी आय नहीं है। पहले यह केवल 65 वर्ष से अधिक आयु की विधवाओं के लिए था, लेकिन अब आयु की यह शर्त हटा दी गई है।
बेटी के विवाह या विधवा के पुनर्विवाह के लिए ₹50,000 की राशि।
इलाज के लिए ₹50,000 तक की राशि दी जाती है।
कैंसर, हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों के लिए ₹1.5 लाख तक की मदद।
सैनिकों के बच्चों या विधवाओं को प्रशिक्षण के लिए ₹50,000 तक की सहायता।
इन योजनाओं के ज़रिए KSB यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी सैनिक परिवार आर्थिक संकट की वजह से असहाय न रहे।
पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधा के लिए पूरे देश में 300 से अधिक सैनिक रेस्ट हाउस बनाए गए हैं। ये विश्राम गृह कम किराए पर आरामदायक और सुरक्षित ठहरने की सुविधा प्रदान करते हैं।
यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो इलाज, सरकारी कार्य, यात्रा या निजी कारणों से शहर से बाहर जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश में लगभग 50, महाराष्ट्र में 30 और अन्य राज्यों में भी कई सैनिक विश्राम गृह उपलब्ध हैं। पूरी जानकारी के लिए क्लिक करें!
यह पहल सैनिक परिवारों के लिए “घर जैसा ठिकाना” सुनिश्चित करती है, चाहे वे देश के किसी भी कोने में क्यों न हों।
KSB ने हाल के वर्षों में निजी कंपनियों और सामाजिक संगठनों के साथ कई साझेदारियाँ की हैं, ताकि योजनाओं का प्रभाव और पहुँच बढ़ाई जा सके।
इन साझेदारियों का उद्देश्य यह है कि सैनिकों और उनके परिवारों का विकास केवल सरकारी सहायता तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के हर क्षेत्र से उन्हें समर्थन मिले।
KSB की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सही जानकारी और प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।
KSB की ये योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि देश की ओर से “धन्यवाद” कहने का एक तरीका हैं। ये उनवीरों के प्रति सम्मान हैं जिन्होंने अपना सब कुछ देश के लिए समर्पित किया। चाहे शिक्षा की बात हो, स्वास्थ्य की या आर्थिक सहयोग की, हर योजना का उद्देश्य एक ही है – फौजी परिवार को सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता के साथ आगे बढ़ाना।
ऐसे और उपयोगी फौजी गाइड्स औरअपडेट्स के लिए जुड़े रहें Faujibeats के साथ।
जय हिन्द।


