देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले पूर्व सैनिकों (Ex-servicemen) और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW: Department of Ex-servicemen Welfare) ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कई प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जानेवाली वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत तक की प्रभावशाली वृद्धि की घोषणा की है। पिछले सत्र में यह महत्वपूर्ण संशोधन 1 नवंबर, 2025 से लागू होने के लिए निर्धारित किया गया, जिसका उद्देश्य उन लोगों को आवश्यक राहत प्रदान करना है जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में दशकों बिताए हैं।
यह महत्वपूर्ण बदलाव मुख्य रूप से केंद्रीय सैनिक बोर्ड (Kendriya Sainik Board - KSB) के माध्यम से प्रशासित और रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष (Raksha Mantri Ex-Servicemen Welfare Fund - RMEWF) पर लागू होते हैं। इन अनुदानों की दरों को दोगुना कर दिया गया है ताकि बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के बीच पूर्व सैनिकों को बेहतर समर्थन मिल सके।
यह अनुदान उनवृद्ध, गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों या उनकी विधवाओं को प्रदान किया जाता है जो वित्तीय संकट में हैं और किसी अन्य पेंशन के हकदार नहीं हैं।
₹4,000 प्रति माह।
₹8,000 प्रति माह प्रति लाभार्थी।
1 नवंबर, 2025 से।
यह अनुदान पूर्वसैनिकों के आश्रित बच्चों या विधवाओं के बच्चों की शिक्षा में सहायता के लिए दिया जाता है।
₹1,000 प्रति माह प्रति बच्चे।
₹2,000 प्रति माह प्रति बच्चे।
1 नवंबर, 2025 से।
यह एक वित्तीय सहायता पूर्व सैनिकों की बेटियों के विवाह या पूर्व सैनिक विधवाओं के पुनर्विवाह के लिए प्रदान की जाती है।
₹50,000 प्रति लाभार्थी।
₹1,00,000 (एक लाख रुपये) एक मुश्त प्रति लाभार्थी।
1 नवंबर, 2025 से।
अक्टूबर 2025 में इन मुख्य घोषणाओं के अलावा, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं:
ECHS के तहत, न्यूरो-इंप्लांट्स के लिए संशोधित दरें और संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक से संबंधित नए सर्कुलर जारी किए गए हैं।
DGR ने निजी सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत पूर्व-सैनिकों के लिए एक वेतन अधिसूचना जारी की है, जिसमें 1 अक्टूबर, 2025 से लागू होनेवाले महंगाई भत्ते (Variable Dearness Allowance) का समायोजन शामिल है।
ये बढ़ी हुई दरें उन सभी पात्र आवेदनों पर लागू होंगी जो 1 नवंबर, 2025 को या उसके बाद संबंधित कार्यालयों में जमा किए जाएंगे। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन जिला सैनिक बोर्ड (Zila Sainik Board - ZSB) या राज्य सैनिक बोर्ड (Rajya Sainik Board - RSB) के माध्यम से जमा करें। नए और अपडेटेड आवेदन फॉर्म 1 नवंबर, 2025 से इन कार्यालयों और KSB की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।
यह घोषणा उन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है जिन्हें अक्सर चिकित्सा और शैक्षिक खर्चों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
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जय हिन्द!


