नवरात्रि का पहला दिन… पूरे भारत में उत्सव का रंग छाया है; मिठाइयों की खुशबू घरों में भर रही है, बाज़ारों में रौनक लौट आई है और हर तरफ़ नई शुरुआत की उमंग है। और यह तो महज़ शुरुआत है; आगे दशहरा, दिवाली और Christmas जैसे बड़े त्योहार भी आनेवाले हैं, यानी आनेवाले महीनों में celebration nonstop चलने वाला है। लेकिन इस बार त्योहारों का season सिर्फ़ lights और sweet delights से खास नहीं, बल्कि जेब पर राहत के तोहफ़े से भी जुड़ा है। क्योंकि आज, 22 सितंबर 2025 से लागू हो गया है GST 2.0, जिसने festive shopping को और ज़्यादा खुशगवार बना दिया है।
कुछ समय पहले Faujibeats ने अपने GST 2.0 related एक article में बताया था कि नया GST system कैसे आम लोगों की जेब और market दोनों पर असर डालेगा; कौन-सी चीजें सस्ती होंगी, किन पर tax बढ़ेगा और tax slab कैसे सरल होंगे।
सरकार ने इस बदलाव को “GST बचत उत्सव (Savings Festival)” का नाम दिया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि GST 2.0 आम नागरिकों की जेब में सीधी राहत लाएगा और अनुमान है कि इससे नागरिकों को लगभग ₹2.5 लाख करोड़ की बचत होगी, जब GST कटौती और आयकर रियायत दोनों को मिलाकर देखा जाए। जिन चीज़ों पर पहले 12% tax था, उनमें से करीब 99% अब 5% श्रेणी में आ गए हैं। यही नहीं, hotel rooms जैसी सेवाओं पर भी tax घटाया गया है, जिससे यात्रियों और मध्यवर्गीय परिवारों को सीधा फायदा होगा। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाएँ, व्यापारी और उद्यमी; सभी वर्गों को benefits मिलेंगे और त्योहारों का यह मौसम “बचत का पर्व” बन जाएगा।
आइये विस्तार में देखते हैं की कौन सी commodities पर GST 2.0 का असर हुआ है।
वस्तु / श्रेणी | पहले का GST स्लैब / टैक्स दर | नई दर (22 सितम्बर 2025 से) | क्या हुआ बदलाव / असर |
|---|---|---|---|
रोटी, परांठा, खाखरा, अन्य भारतीय | कुछ रूप से 5-12% या taxable | 0% | अब बिलकुल tax-free; रोज़मर्रा की staple चीज़ों में बड़ी राहत |
पनीर, दूध प्रॉडक्ट्स, डेयरी चीज़ें (butter, ghee, | 12-18% या ज़्यादा | 0% या 5% (निर्भर पैकेजिंग / लेबलिंग पर) | खासकर packaged / labelled dairy उत्पाद सस्ते होंगे |
नमकीन, भुजिया, स्नैक्स, | पहले 12-18% टैक्स था | 5% टैक्स (कुछ मामलों में राहत) | खाने-पीने की हल्की-फुल्की चीज़ें सस्ती होंगी; खासकर त्योहारों से पहले मांग बढ़ेगी |
Electronics जैसे ACs, फ्रिज, | अक्सर 28% टैक्स स्लैब | अब 18% टैक्स | कीमतों में कटौती; बड़े appliances थोड़े सस्ते होंगे |
Cars (छोटे-सेगमेंट / छोटी इंजन क्षमता) | 28% टैक्स + संभवतः एडिशनल cess आदि | 18% टैक्स | कुछ Models पर बड़ी बचत; मारुति, टाटा, हुंडई जैसे ब्रांडों ने कीमतें कम कीं |
Motorcycles ≤ 350cc | 28% टैक्स | 18% टैक्स | Royal Enfield के Hunter, Classic, आदि मॉडल सस्ते होंगे; बड़े displacement या luxury bikes पर टैक्स बढ़ेगा |
कपड़े / परिधान जो ₹2,500 से ऊपर | पहले कुछ पर 12% टैक्स होता था | अब 18% टैक्स | सस्ते कपड़े कम प्रभावित होंगे; लेकिन branded पारंपरिक या फैशन वाले कपड़े महँगे हो सकते हैं |
Insurance Premiums (Life / Health insurance) | पहले ~18% टैक्स | 0% | पूरी तरह टैक्स-मुक्त; पालिसीहोल्डर्स को सीधी राहत मिलेगी |
कुछ luxury / sin goods (जैसे बड़ी कारें, बड़े displacement bikes, शराब, तंबाकू / सिगरेट, aerated drinks) | कभी-कभार 28% + cess | अब 40% टैक्स (उच्च दर वाला स्लैब) | महँगी चीज़ों पर टैक्स बढ़ा, कीमतों में इज़ाफा होगा |
कागज़-किताब / स्टेशनरी (exercise books, notebooks, pens, | 5-12% या कुछ मामलों में 12% | 0% या न्यूनतम टैक्स / exempt या 5% | छात्रों व शिक्षण सामग्री में बड़ी राहत होगी |
घरेलू उपयोग की personal care items जैसे साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, | अक्सर 18% | 5% टैक्स | रोज़मर्रा की hygiene चीज़ें सस्ती होंगी |
Mobile / छोटे electronic gadgets | अगर पुराने स्लैब में थे (12-18%) | कुछ कम होंगे, लेकिन कई पर | थोड़ा बदलाव; सस्ती ब्रांडों और entry model पर ज्यादा असर होगा |
त्योहारों का मौसम हमेशा उत्साहऔर खरीदारी के साथ आता है, और GST 2.0 ने इस बार इसे थोड़ा और खास बना दिया है। रोज़मर्रा की जरूरतों, personal care और essential items अब सस्ती होंगी, जबकि luxury और sin goods पर tax बढ़ा है। इससे आपके Shopping Cart और budget पर सीधा असर पड़ेगा। इसलिए इस त्योहारों की खरीदारी से पहले अपने budget और जरूरतों के हिसाब से योजना बनाना अब और भी ज़रूरी हो गया है।
Faujibeats की ओर से आप सभी को इस त्योहारों के सीज़न की ढेरों शुभकामनाएँ!
ऐसी और updates और articles के लिए जुड़े रहिए FaujiBeats के साथ।
जय हिंद!


