हर साल 10 अक्टूबर को मनाया जाने वाला मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day) समाज में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर करता है। यही दिन हमें याद दिलाता है कि मानसिक मजबूती हमारे सशस्त्रबलों के जवानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ तक की नौसेना की सभी मेडिकल सेवाओं में इस दिन का विशेष आयोजन किया जाता है, ताकि जवानों और उनके परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ सके।
सोचिए, एक फौजी सीमा पर कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है, परिवार से दूर है और लगातार चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में मानसिक मजबूती शारीरिक ताकत के समान ही जरूरी हो जाती है। इस दिन हमें न सिर्फ यह समझना है कि मानसिक स्वास्थ्य कमजोर होना कमजोरी नहीं, बल्कि यह सीखना है कि सही समर्थन, जागरूकता और संसाधन के माध्यम से फौजियों और उनके परिवारों की ताकत को और मजबूत किया जा सकता है।
तो, फौजी कैसे सुनिश्चित करें कि उनकी मानसिक मजबूती बनी रहे? इसके लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में कई पहलें और सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो न सिर्फ जवानों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी सहायक हैं।
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान कठिन परिस्थितियों, लंबी तैनाती, परिवार से दूर रहने और कभी-कभी युद्ध जैसी स्थितियों का सामना करते हैं। इन परिस्थितियों का मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कुछ आम मानसिक चुनौतियाँ हैं:
साथ ही, जवानों के परिवार भी इन तनावों से प्रभावित होते हैं, जिससे मानसिक स्थिति और जटिल हो जाती है।
2022 में शुरू की गई इस पहल के तहत, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 53 Tele-MANAS केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से फौजी और उनके परिवार 24x7 मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त कर सकते हैं। पुणे स्थित सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (AFMC) में एक विशेष Tele-MANAS केंद्र स्थापित किया गया है, जो फौजियों और उनके आश्रितों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करता है ।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने जूनियर कमीशन अधिकारियों (JCOs) के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें उन्हें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, संकट प्रबंधन, और सहकर्मी सहायता की तकनीकों से अवगत कराया गया। इस पहल का उद्देश्य फौजियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और एक सहायक वातावरण बनाना है ।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायुविज्ञान संस्थान (NIMHANS) ने एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशस्त्र बलों के लिए और सशक्त बनाया जाएगा। इस सहयोग का उद्देश्य PTSD, चिंता, और अवसाद जैसी समस्याओं के लिए उन्नत उपचार प्रदान करना है ।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्माकुमारी संगठन के साथ मिलकर एक अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य योग, ध्यान, और सकारात्मक सोच के माध्यम से फौजियों की मानसिक मजबूती को बढ़ाना है। इस पहल का उद्देश्य जवानों को आंतरिक शक्ति प्रदान करना और उन्हें मानसिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।
कठिन परिस्थितियों में भावनाओं को साझा करें।
साथी, वरिष्ठ अधिकारी और परिवार नेटवर्क का हिस्सा बनें।
नियमित व्यायाम, योग, ध्यान, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और Tele-MANAS हेल्पलाइन उपलब्ध हैं।
गहरी साँस लेना, ध्यान, पॉजिटिव सोचना।
शौक, खेल, संगीत और रचनात्मक गतिविधियाँ।
इस मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आइए संकल्प लें कि हम मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे और एक मजबूत, स्वस्थ समाज की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
फौजीबीट्स आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है।
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जय हिन्द!


