कभी आम किलो के हिसाब से खरीदे जाते थे, लेकिन अब कुछ लोग पूरे आम के पेड़ की फसल अपने नाम कर रहे हैं। कोई एक मौसम के लिए आम का पेड़ किराए पर ले रहा है, तो कोई मैंगो बांड्स (Mango Bonds) जैसी योजनाओं के जरिए आने वाले कई वर्षों के आम पहले से तय कर रहा है। आखिर यह नया ट्रेंड कैसे काम करता है, इसमें कितना फायदा है और क्या इसे निवेश माना जा सकता है? आइए जानते हैं।
कल्पना कीजिए कि एक फौजी अधिकारी या जवान देश के किसी दूरदराज़ स्टेशन पर तैनात है। गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है और घर पर बच्चों की एक ही फरमाइश है, इस बार अच्छे वाले आम चाहिए। हर साल की तरह बाजार से आम खरीदने के बजाय वह अपने परिवार को एक अलग तोहफा देने का फैसला करता है।
कुछ हफ्तों बाद उसके फोन पर एक वीडियो आता है। वीडियो में एक आम का पेड़ दिखाई देता है, जिसकी डालियों पर दर्जनों आम लटक रहे हैं। संदेश में लिखा है: "ये आपके पेड़ के आम हैं।"
सुनने में थोड़ा अजीब लगता है, है ना?
लेकिन भारत में अब कुछ लोग सचमुच ऐसा कर रहे हैं।
वे न तो खेत खरीद रहे हैं और न ही खेती कर रहे हैं। इसके बजाय वे एक मौसम के लिए पूरे आम के पेड़ की फसल अपने नाम कर रहे हैं और उस पेड़ पर उगे आम सीधे अपने घर मंगवा रहे हैं।
वहीं, मैंगो बांड्स (Mango Bonds) जैसी योजनाएं लोगों को कई वर्षों तक हर साल आम मिलने का वादा करती हैं।
सवाल यह है कि क्या यह सचमुच एक निवेश (Investment) है, या फिर आम पसंद करने वालों के लिए एक नया और दिलचस्प खरीदारी का तरीका?
आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है? आम का पेड़ किराए पर लेने या कई वर्षों के लिए आम की आपूर्ति तय करने की व्यवस्था
किसके लिए? आम पसंद करने वाले परिवारों और नियमित रूप से प्रीमियम आम खरीदने वाले लोगों के लिए
कैसे काम करता है? किसान पेड़ की देखभाल करता है, आम तैयार होने पर ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं
क्या यह निवेश है? आमतौर पर नहीं, इसे आम खरीदने का एक वैकल्पिक तरीका माना जाता है
मान लीजिए किसी बाग में सैकड़ों आम के पेड़ हैं। आप उनमें से एक पेड़ चुनते हैं और एक निश्चित राशि देकर उसे पूरे मौसम के लिए किराए पर लेते हैं। इसके बाद किसान पूरे साल उस पेड़ की देखभाल करता है। जब आम तैयार हो जाते हैं, तो उसी पेड़ से निकले आम आपको भेज दिए जाते हैं।
यानी खेती किसान करता है, लेकिन फल आपके घर आते हैं।
कई लोगों को यह इसलिए पसंद आ रहा है क्योंकि उन्हें लगता है कि वे सीधे खेत से जुड़ रहे हैं और उन्हें पता है कि उनके आम कहां से आए हैं।
इसकी वजह सिर्फ आम नहीं हैं, इसमें एक अनुभव भी जुड़ा हुआ है।
कुछ लोगों को अपने "पेड़" की तस्वीरें या वीडियो मिलते हैं। वे देखते हैं कि पेड़ पर आम कैसे बढ़ रहे हैं और कब तैयार हो रहे हैं।
कई परिवार इसे एक खास उपहार की तरह भी देखते हैं। किसी को आम का डिब्बा देने और किसी को पूरा पेड़ उपहार में देने की बात अलग ही है।
कई बार हां।
अगर आप हर साल बड़ी मात्रा में प्रीमियम आम खरीदते हैं, तो कुछ योजनाओं में प्रति किलो लागत बाजार की कीमत से कम पड़ सकती है।
लेकिन यहां एक मजेदार समस्या भी है।
अगर एक साथ 30, 40 या 50 किलो आम घर पहुंच जाएं तो उन्हें खाना, बांटना और संभालना भी एक काम बन जाता है।
इसलिए यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकती है जो आम खूब खाते हैं या रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ साझा करना पसंद करते हैं।
अब बात करते हैं मैंगो बांड्स की।
इन योजनाओं में आमतौर पर लोग एक निश्चित राशि कुछ वर्षों के लिए जमा करते हैं। इसके बदले उन्हें हर साल आम मिलते हैं।
यानी आपका लाभ नकद में नहीं बल्कि आम के रूप में मिलता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई योजना पांच साल की है, तो आपको पांच साल तक हर मौसम में आम मिल सकते हैं।
यहीं सबसे ज्यादा भ्रम पैदा होता है।
नाम में "बांड (bond)" जरूर है, लेकिन इसे पारंपरिक निवेश की तरह नहीं देखना चाहिए। सामान्य निवेश में आपको पैसा वापस मिलता है या उस पर नकद लाभ मिलता है।
लेकिन यहां लाभ आम के रूप में मिलता है। आप उन आमों को बैंक खाते में जमा नहीं कर सकते और न ही उन पर आगे ब्याज कमा सकते हैं।
इसलिए अधिकतर विशेषज्ञ इन्हें निवेश से ज्यादा आम की भविष्य की खरीद पहले से तय करने वाली योजना मानते हैं।
आम का उत्पादन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर करता है। अगर मौसम खराब हो जाए, बारिश ज्यादा हो जाए या फसल को नुकसान पहुंचे, तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से किसी भी योजना में शामिल होने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
यह समझना भी जरूरी है कि कितनी मात्रा की गारंटी दी जा रही है और किन परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है।
आज लोग सिर्फ फल नहीं खरीदना चाहते, वे यह भी जानना चाहते हैं कि उनका खाना कहां से आया है। महामारी के बाद बहुत से लोगों ने भोजन की गुणवत्ता और उसके स्रोत पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है।
इसी वजह से खेत से सीधे घर तक पहुंचने वाले मॉडल लोकप्रिय हो रहे हैं। आम का पेड़ किराए पर लेने की अवधारणा भी इसी सोच का हिस्सा है।
कुछ साल पहले तक "मेरे पेड़ के आम" कहना केवल उन लोगों के लिए संभव था जिनके पास बाग या खेती थी।
आज शहर में रहने वाला व्यक्ति भी बिना खेत खरीदे यह कह सकता है।
मैंगो ट्री रेंटिंग (Mango Tree Renting) और मैंगो बांड्स (Mango Bonds) जैसी योजनाएं दिखाती हैं कि लोग अब सिर्फ सामान नहीं खरीद रहे, बल्कि अनुभव भी खरीद रहे हैं।
हालांकि इन्हें निवेश समझने की बजाय आम खरीदने और सीधे किसानों से जुड़ने के एक नए तरीके के रूप में देखना ज्यादा उचित होगा।
अगर आप आम के बड़े शौकीन हैं, तो यह विचार आपको दिलचस्प जरूर लग सकता है।
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जय हिन्द!
यह एक मॉडल है जिसमें ग्राहक एक season के लिए किसी आम के पेड़ का harvest प्राप्त करने हेतु शुल्क देता है।
नहीं। पेड़ किसान या orchard का ही रहता है। आपको केवल फल प्राप्त करने का अधिकार मिलता है।
आमतौर पर हां। यह package और agreement पर निर्भर करता है।
ऐसी योजनाएं जिनमें राशि जमा करने के बदले कई वर्षों तक आम प्राप्त होते हैं।
नहीं। इनमें return आम के रूप में मिलता है, नकद में नहीं।
इसे investment की बजाय premium mango consumption model के रूप में देखना अधिक उचित है।
हां। खेती मौसम और उत्पादन पर निर्भर करती है।


