कल्पना कीजिए, एक फौजी जिसने अपने जीवन के सुनहरे साल देश की सेवा में गुज़ार दिए; Border पर duty करते हुए उसने कभी अपनी safety की परवाह नहीं की क्योंकि उसके लिए “Nation First” ही सबसे बड़ा धर्म था। लेकिन जब वही फौजी Ex-Serviceman (ESM) बनकर, retire होकर घर आता है तो अब civilian life में दूसरा career बनाने की नयीं चुनौती का सामना करता है। वो कहाँ जाये क्या करें उसे कुछ समझ नहीं आता।
ऐसे में कुछ policies और benefits उसके लिए नई उम्मीद का रास्ता खोलते हैं।
KSB और State Rajya Sainik Boards ऐसे फौजियों और उनके परिवारों के लिए backbone की तरह खड़े रहते हैं। कई welfare schemes के साथ-साथ re-employment के rules लगातार update होते रहते हैं। जैसा कि PIB release (2025) में बताया गया है, सरकार ने ESM के लिए central और state jobs में reservation और relaxation को और मज़बूत किया है।
Government ने ESM को Civil Services और अन्य government sectors में दोबारा शामिल करने के लिए कई special provisions लागू किए हैं:
अगर किसी साल reserved seats भर नहीं पाईं, तो vacancies अगले साल carry forward होती हैं।
हर राज्य ने अलग-अलग तरीके से amendments किए हैं।
Arunachal Pradesh, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Andaman & Nicobar, Puducherry जैसे states में अभी तक कोई special amendment नहीं।
PIB release (2025) के अनुसार, भारत में कुल 28,31,109 Ex-Servicemen हैं। इनमें से कुछ राज्यों में उनकी संख्या इस प्रकार है:
ये आंकड़े बताते हैं कि उत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में veterans की बड़ी संख्या मौजूद है, जिनके लिए state policies का मज़बूत होना और भी ज़रूरी है।
सरकार ने ESM welfare के लिए One Rank One Pension (OROP) लागू किया है, ताकि समान rank और सेवा अवधि वाले सैनिकों की pension में disparity खत्म हो। इसके अलावा कई family pension और disability pension schemes भी सक्रिय हैं।
2025 में सरकार ने कई job fairs आयोजित किए हैं, जिनमें employers और ESM candidates आमने-सामने बातचीत करते हैं, spot interviews और skill tests होते हैं। CII और FICCI जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर यह drive veterans को civilian jobs में transition करने में मदद कर रही है।
साथ ही, Resettlement / Skill Development Training Courses और self-employment schemes भी उपलब्ध हैं।
Ex-servicemen discipline, leadership और patriotism का बेहतरीन उदाहरण होते हैं। Retirement अक्सर 35–40 की age में होती है, ऐसे में दूसरा career survival और dignity दोनों के लिए ज़रूरी है। यही कारण है कि 2025 में सरकार और राज्य policies को और सशक्त बना रहे हैं, ताकि veterans को दोबारा civil system का backbone बनाया जा सके।
अगली बार जब आप या आपका कोई fauji साथी सरकारी नौकरी के लिए apply करे, तो इन relaxations और reservations का फायदा उठाना न भूलें। यह न सिर्फ अधिकार है, बल्कि आपकी सालों की सेवा का सम्मान भी।
हम उम्मीद करते हैं कीआपकी second innings बहोत शानदार हों।
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जय हिंद!


