देश की रक्षा करने वाले हमारे सैनिक अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर देते हैं। लेकिन यदि किसी सेवारत सैनिक (Serving Soldier) या पूर्व सैनिक का निधन हो जाता है, तो उनके परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी होती है। इसी उद्देश्य से फैमिली पेंशन की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, आज भी कई रक्षा परिवार और वीर नारियां यह नहीं जानतीं कि फैमिली पेंशन का लाभ किसे मिलता है, इसकी राशि कितनी होती है और यह कितने समय तक जारी रहती है।
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General - CAG) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और केंद्र सरकार के लागू पेंशन नियमों के अनुसार, फैमिली पेंशन का उद्देश्य कर्मचारी या पेंशनभोगी के निधन के बाद उसके आश्रित (Dependent) परिवार को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं फैमिली पेंशन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण नियम।
फैमिली पेंशन वह मासिक वित्तीय सहायता है, जो किसी सेवारत रक्षा कर्मी (Serving Defence Personnel), सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी (Pensioner) के निधन के बाद उसके पात्र परिवार को दी जाती है।
CAG (Comptroller and Auditor General) के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार के आश्रित सदस्य आर्थिक रूप से सुरक्षित रहें और उन्हें नियमित आय मिलती रहे।
फैमिली पेंशन पाने के लिए पात्रता (Eligibility) सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार तय होती है। सामान्यतः सबसे पहले अधिकार जीवनसाथी (Spouse) का होता है।
पात्र परिवार के सदस्य निम्न हो सकते हैं:
CAG के अनुसार, फैमिली पेंशन इन्हीं निर्धारित प्राथमिकताओं के आधार पर प्रदान की जाती है।
फैमिली पेंशन की राशि कर्मचारी के अंतिम मूल वेतन (Last Drawn Basic Pay) के आधार पर तय होती है।
केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, सामान्य फैमिली पेंशन आमतौर पर अंतिम मूल वेतन (Basic Pay) का 30% होती है।
यदि किसी सैनिक या सरकारी कर्मचारी का अंतिम मूल वेतन ₹50,000 था, तो सामान्य फैमिली पेंशन लगभग:
₹15,000 प्रति माह हो सकती है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में परिवार को सामान्य पेंशन से अधिक राशि दी जाती है, जिसे Enhanced Family Pension (एन्हांस्ड फैमिली पेंशन) कहा जाता है।
CAG के अनुसार, यदि कर्मचारी ने आवश्यक क्वालिफाइंग सर्विस (Qualifying Service) पूरी की है और संबंधित नियमों की शर्तें पूरी होती हैं, तो पात्र परिवार को सीमित अवधि के लिए अंतिम मूल वेतन का लगभग 50% तक फैमिली पेंशन मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, यदि अंतिम मूल वेतन ₹50,000 है, तो पात्र परिवार को लगभग:
₹25,000 प्रति माह
की Enhanced Family Pension मिल सकती है।
निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद यह राशि सामान्य फैमिली पेंशन पर आ जाती है।
Enhanced Family Pension स्थायी (Permanent) नहीं होती।
केंद्र सरकार के लागू नियमों के अनुसार:
इसके बाद परिवार को सामान्य फैमिली पेंशन मिलती रहती है।
यदि जीवनसाथी पात्र नहीं है या उसके बाद पेंशन बच्चों को मिलती है, तो कुछ शर्तें लागू होती हैं।
सामान्यतः बच्चे फैमिली पेंशन प्राप्त कर सकते हैं:
इनमें से जो भी पहले हो, उसके बाद पात्रता समाप्त हो सकती है।
हाँ।
यदि कर्मचारी के पीछे कोई पात्र जीवनसाथी या संतान नहीं है, तो आश्रित माता-पिता फैमिली पेंशन के पात्र हो सकते हैं।
CAG के अनुसार, ऐसे मामलों में सामान्यतः माता (Mother) को पिता (Father) पर प्राथमिकता दी जाती है, बशर्ते वे निर्धारित नियमों के अनुसार आश्रित हों।
यदि पुत्र या पुत्री शारीरिक या मानसिक दिव्यांगता (Physical or Mental Disability) के कारण अपनी आजीविका कमाने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें सामान्य आयु सीमा के बाद भी फैमिली पेंशन मिल सकती है।
इसके लिए संबंधित मेडिकल प्रमाणपत्र (Medical Certificate) और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य होता है।
दावा (Claim) करते समय सामान्यतः निम्न दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं:
दस्तावेज़ संबंधित विभाग और व्यक्तिगत मामले के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
फैमिली पेंशन केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए सुरक्षा कवच है जिन्होंने देश की सेवा में अपना योगदान दिया है। यदि आप एक पूर्व सैनिक (Veteran), सेवारत रक्षा कर्मी (Serving Defence Personnel) या वीर नारी (Veer Nari) हैं, तो फैमिली पेंशन के नियमों की सही जानकारी आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Note: फैमिली पेंशन का दावा करने से पहले अपने रिकॉर्ड ऑफिस (Record Office) या संबंधित पेंशन कार्यालय (Pension Office) से नियमों की जानकारी जरूर ले लें। हर मामले में पात्रता (Eligibility) और पेंशन की राशि अलग हो सकती है।
रक्षा सेवाओं (Defence Services), SPARSH Portal, ECHS, CSD, पेंशन (Pension), पूर्व सैनिकों (Veterans) की योजनाओं और सरकारी अपडेट्स से जुड़ी ऐसी ही आसान और भरोसेमंद जानकारी के लिए FaujiBeats से जुड़े रहें।
जय हिंद!
सबसे पहले जीवनसाथी को। इसके बाद पात्र बच्चों, आश्रित माता-पिता और कुछ मामलों में दिव्यांग भाई-बहनों को निर्धारित नियमों के अनुसार लाभ मिल सकता है।
सामान्यतः अंतिम मूल वेतन का लगभग 30%। कुछ मामलों में Enhanced Family Pension लगभग 50% तक हो सकती है।
सामान्यतः सेवा के दौरान मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक तथा कुछ सेवानिवृत्ति संबंधी मामलों में 7 वर्ष या निर्धारित आयु सीमा तक, जो पहले हो।
हाँ। यदि वह आजीविका कमाने में सक्षम नहीं है और संबंधित नियमों की सभी शर्तें पूरी करता है, तो उसे सामान्य आयु सीमा के बाद भी फैमिली पेंशन मिल सकती है।
स्रोत: यह लेख भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा प्रकाशित फैमिली पेंशन गाइडलाइन तथा केंद्र सरकार के लागू पेंशन नियमों के आधार पर तैयार किया गया है।


