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क्या Sanchar Saathi सच में आपका सुरक्षा साथी है?

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हाल ही में Sanchar Saathi app को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभी स्मार्टफोन्स (smartphones) में इस ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन (pre-installation) अनिवार्य कर दिया था। 

इस कदम का उद्देश्य साइबर अपराधों पर रोक लगाना था, लेकिन सोशल मीडिया (social media) और टेक कम्युनिटी (tech community) में इसे लेकर चिंताएँ उठीं: क्या यह ऐप अनावश्यक है? क्या यह निगरानी का साधन बन सकता है? क्या उपभोक्ता की पसंद सीमित की जा रही है?

इन सवालों के बीच सरकार ने 3 दिसंबर 2025 को स्पष्ट किया कि:

  • Sanchar Saathi पूरी तरह सुरक्षित है,
  • इसका उद्देश्य केवल उपयोगकर्ताओं (users) को साइबर अपराधों से बचाना है,
  • और सबसे महत्वपूर्ण, उपभोक्ता जब चाहें, इसे फोन से हटा सकते हैं।

सरकार ने अब अनिवार्य प्री-इंस्टॉलेशन हटा दिया है, जिससे विवाद शांत होने लगा। लेकिन इस बहस से ऐप को अचानक बहुत अधिक ध्यान मिला।

केवल पिछले एक दिन में ही 6 लाख से अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड (download) किया जो सामान्य गति से 10 गुना अधिक है। अब तक 1.4 करोड़ उपयोगकर्ता इसे इस्तेमाल कर रहे हैं और रोज़ाना लगभग 2000 साइबर फ्रॉड (cyber fraud) घटनाओं की जानकारी भेज रहे हैं।

A phone with a logo

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Sanchar Saathi क्या है? एक नज़र में पूरी जानकारी

Sanchar Saathi, दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunication) की नागरिक-केंद्रित पहल है। यह ऐप और वेब पोर्टल दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसका उद्देश्य है:

  • मोबाइल उपभोक्ताओं की सुरक्षा,
     
  • पारदर्शिता (transparency) बढ़ाना,
     
  • और साइबर धोखाधड़ी से जनता को बचाना।

यह प्लेटफ़ॉर्म कई सेवाएँ प्रदान करता है:

मोबाइल कनेक्शन की जांच — कितने SIM आपके नाम पर?

अक्सर लोगों को पता ही नहीं होता कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर जारी हैं। Sanchar Saathi से कोई भी व्यक्ति:

  • अपने नाम से जारी सभी मोबाइल कनेक्शन (mobile connection) देख सकता है,
     
  • अनावश्यक या संदिग्ध नंबरों को रिपोर्ट कर सकता है।

खोए या चोरी हुए मोबाइल की ट्रेसिंग और ब्लॉकिंग

यह सुविधा बहुत मददगार है—

  • खोया या चोरी हुआ मोबाइल ब्लॉक किया जा सकता है,
     
  • ब्लॉक होने के बाद वह किसी भी नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं हो सकेगा,
     
  • यदि कोई उसे चलाने की कोशिश करता है, तो उसकी लोकेशन ट्रेस की जा सकती है,
     
  • मिलने पर उपयोगकर्ता उसे अनब्लॉक भी कर सकता है।

Chakshu: साइबर धोखाधड़ी पर जनता की नज़र

Sanchar Saathi का एक बड़ा हिस्सा है—Chakshu, जो तीन अलग-अलग प्रकार की रिपोर्टिंग सुविधा देता है।

Suspected Fraud Communication रिपोर्ट करना

यदि किसी कॉल, SMS या WhatsApp संदेश में:

  • KYC वेरिफिकेशन,
     
  • बैंक/गैस/बिजली भुगतान,
     
  • निवेश-ट्रेडिंग,
     
  • किसी अधिकारी का फर्जी रूप धारण,
     
  • या किसी भी प्रकार की संदिग्ध मांग हो, तो नागरिक तुरंत इसे Chakshu में रिपोर्ट कर सकते हैं।

नोट:

अगर कोई व्यक्ति पहले से पैसा गंवा चुका है, तो उसे 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करना चाहिए। Chakshu केवल संदिग्ध संचार की रोकथाम के लिए है।

UCC/Spam रिपोर्ट करना (अनचाहा कॉल/SMS)

TRAI के TCCCPR 2018 नियमों के अनुसार:

  • 7 दिन के भीतर की शिकायतें वैध मानी जाती हैं,
     
  • इनके आधार पर भेजने वाले के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है,
     
  • 7 दिन बाद की रिपोर्टें भी सिस्टम को स्पैमर्स पहचानने में मदद करती हैं।

Malicious Web Links रिपोर्ट करना

नागरिक निम्न प्रकार के साइबर खतरे रिपोर्ट कर सकते हैं:

  • फिशिंग साइट्स,
     
  • फ्रॉड लिंक,
     
  • अनवेरिफाइड APKs,
     
  • क्लोनिंग प्रयास,
     
  • WhatsApp, Telegram, SMS, iMessage आदि पर भेजे गए नकली लिंक।

इसके साथ-साथ, Chakshu अंतरराष्ट्रीय कॉल को भी चिन्हित करने में मदद करता है जो +91 से शुरू होकर 10 अंकों वाले नंबर की तरह दिखाई देते हैं। यह अवैध टेलीफोन एक्सचेंजों पर रोक लगाने में मदद करता है।

Know Your ISP: अपने क्षेत्र का इंटरनेट सेवा प्रदाता जानें

Sanchar Saathi का “Know Your Wireline ISP” मॉड्यूल नागरिकों को:

  • अपने क्षेत्र में उपलब्ध ISPs की जानकारी देता है,
     
  • PIN कोड, पते या ISP के नाम से खोज की सुविधा देता है।

आखिर क्यों जरूरी है Sanchar Saathi?

आज साइबर अपराध बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं:

  • फर्जी कॉल्स,
     
  • स्पैम,
     
  • अंतरराष्ट्रीय रूटिंग फ्रॉड,
     
  • बैंकिंग धोखाधड़ी,
     
  • नकली लिंक।

DoT के अनुसार Sanchar Saathi इन खतरों से नागरिकों को सुरक्षित रखने का एक व्यापक, केंद्रीकृत और सरल माध्यम बनकर सामने आया है।

ऐप पर उठे विवाद ने भले थोड़ी हलचल पैदा की, लेकिन इससे एक बात साफ हो गई, साइबर सुरक्षा अब हर नागरिक की प्राथमिकता बन चुकी है। सरकार का कहना है कि इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा है, न कि किसी भी प्रकार की निगरानी।

देखना दिलचस्प होगा की संचार साथी से जुडी हुई और कौनसी नयीं जानकारी सामने आएगी!

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जय हिन्द! 



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